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राजस्थान को बजट का इंतजार, जनता को गहलोत सरकार से उम्मीदें

प्रदेश के अन्य वर्गों की बात करें तो खिलाड़ियों को अतिरिक्त सरकारी मदद, स्टेट टैक्स में सुधार के बजटीय प्रावधान, रियल एस्टेट सेक्टर को स्टांप ड्यूटी से राहत की उम्मीद है.

राजस्थान को बजट का इंतजार, जनता को गहलोत सरकार से उम्मीदें
सरकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री गहलोत से वेतन कटौती वापस लेने की उम्मीद भी है.

जयपुर: प्रदेशके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज 11 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगें. वहीं जनते को भी सरकार के पहले बजट से बहुत उम्मीदें हैं. खासकर राजस्थान के व्यवसायी गहलोत सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे है. खबर के मुताबिक वेट संशोधन आदेश का डीलर तक वितरण करने की उम्मीद हैं. साथ ही वाणिज्य कर विभाग में डाक लेने की केंद्रीकृत व्यवस्था की भी उम्मीद की जा रही है. 

जबकि सरकारी कर्मचारियों को मुख्यमंत्री गहलोत से वेतन कटौती वापस लेने, खत्म किए पदों का सृजन, वेतन विसंगति दूर करने तथा नियमतिकरण सहित कइ सौगात की उम्मीद है. जनता को उम्मीद है कि कारोबारियों के लिए व्यापार की राह सुगम होगी. वहीं औद्योगिक संगठन को बिजली दरों में रियायत मिलने की उम्मीद भी की जा रही है. साथ ही सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप्स का ध्यान रखते हुए घोषणाएं कर सकता है. महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आजादी को तरजीह भी दिए जाने का उम्मीद है.

साथ हा प्रदेश के अन्य वर्गों की बात करें तो खिलाड़ियों को अतिरिक्त सरकारी मदद, स्टेट टैक्स में सुधार के बजटीय प्रावधान, रियल एस्टेट सेक्टर को स्टांप ड्यूटी से राहत की उम्मीद, मंडी कारोबारियों को मंडी शुल्क राहत, किसानों की आय में इजाफे की संभावना, चिटफंड और मल्टीलेवल कम्पनियों सख्त नियम, साइबर कानून के साथ जांच के लिए बनेगी नोडल एजेंसी, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

वहीं जनता सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए बजट बढ़ाने, प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, पिछड़े अंचलों के विकास, आदिवासी अंचल के लिए अलग से बजट प्रावधान की उम्मीद भी कर रही है. हालांकि सत्ता संभालने के बाद कांग्रेस सरकार वित्तीय संकट में है, ऐसे में बजट के लोकलुभावना होने की उम्मीद कम ही है. दूसरी ओर कर्मचारी सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सरकार के उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना कठिन होगा.