close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

करौली: स्कूल ड्रॉपआउट लड़कियों को मिली सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, कुछ इस तरह करेंगी मुकाबला

प्रदेश की 50,000 से अधिक ड्रॉपआउट बालिकाओं(Drop Out Girls) को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण(Training of Self Defence) देने और शिक्षा से जोड़ने के लिए नई पहल की गई है. इसी कड़ी में करौली(Karauli) जिले में प्रेरणा अभियान तहत चल रहे 10 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हो गया.

करौली: स्कूल ड्रॉपआउट लड़कियों को मिली सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, कुछ इस तरह करेंगी मुकाबला
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: प्रदेश की 50,000 से अधिक स्कूल ड्रॉपआउट बालिकाओं(Drop Out Girls) को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण(Training of Self Defence) देने और शिक्षा से जोड़ने के लिए नई पहल की गई है. इसी कड़ी में करौली(Karauli) जिले में प्रेरणा अभियान तहत चल रहे 10 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हो गया. करौली के राजकीय महाविद्यालय मैदान पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ.

इस मौके पर करौली जिला कलेक्टर मोहन लाल यादव, पॉक्सो कोर्ट विशिष्ट न्यायाधीश जगमोहन अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रेखा यादव, प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश नोडल अधिकारी जगदीश, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और बालिकाएं मौजूद रहीं.

इस दौरान कलेक्टर मोहन लाल ने कहा कि करौली में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एक वाकई चिंतनीय मुद्दा है. साथ ही जिले में महिला अपराध(Crime against Women) भी अधिक होने के कारण राज्य सरकार(State Government) की ओर से शुरू ड्रॉपआउट बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान के तहत मदद करना निश्चित तौर एक सराहनीय कदम है. जिससे जिले में विशेष लाभ होगा.

इस दौरान पॉक्सो कोर्ट विशिष्ट न्यायाधीश जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार(State Government) ने बढ़ते बाल अपराधों(Child Crimes) पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश भर में विशिष्ट न्यायालय खोले है और कुछ जल्दी ही खोले भी जाएंगे. उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने लायक बनाकर आत्मनिर्भर(Self Dependent) बनाना बेहद जरूरी है. इस दिशा में शुरू किया गया अभियान महिला अपराधों पर लगाम लगाने में सफल होगा.

अभियान के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ जगदीश ने बताया कि जिले में अभियान के तहत करौली और हिंडौन में 150 से अधिक बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया. साथ ही अब उन्हें ओपन स्कूल के माध्यम से शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा. अभियान के तहत राज्य के अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. 

बता दें कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से महिला और ड्रॉपआउट बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए अभियान शुरू किया है जिसको प्रेरणा नाम दिया है. 

सरकार को उम्मीद है कि बालिकाएं इस प्रशिक्षण से मिली जानकारियों का अपने जीवन में उतारकर अपने व्यक्तित्व में निखार लाएंगी और मजबूत देश बनाने में एक सशक्त भूमिका भी निभाएंगी.