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राजस्थान सरकार अब बुजुर्गों को कराएगी तीर्थयात्रा, दर्शन के लिए आए हजारों आवेदन

योजना के तहत इस बार 5 हजार रेलमार्ग और 5 हजार हवाईयात्रा से तीर्थयात्रा पर ले जाएंगे. इसमें सर्वाधिक यात्री जयपुर संभाग के 1221 हवाईजहाज और रेलमार्ग से भी 1 हजार 221 यात्री होंगे.

राजस्थान सरकार अब बुजुर्गों को कराएगी तीर्थयात्रा, दर्शन के लिए आए हजारों आवेदन
रेलगाड़ी और हवाई जहाज से 5-5 हजार वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा करवाई जाएगी.

जयपुर: देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना बुजुर्गों के तीर्थयात्रा पर जाने के बरसों पुराने सपने पूरा कर रही है. सरकार की इस योजना से ऐसे लोगों की इच्छाएं पूरी होगी जो कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते कभी तीर्थयात्रा पर शायद न जा पाते. इस बार सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी व उनके जीवन साथी और सैन्य और पुलिस बलों के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नया प्रावधान किया है. योजना के तहत इस बार 5 हजार रेलमार्ग और 5 हजार हवाईयात्रा से तीर्थयात्रा पर ले जाएंगे. इसमें सर्वाधिक यात्री जयपुर संभाग के 1221 हवाईजहाज और रेलमार्ग से भी 1 हजार 221 यात्री होंगे.

पथराई आंखों में एक ही सपना है कि एक बार भगवान पशुपतिनाथ के दीदार हो जाए मगर उम्र के इस पड़ाव पर सड़क मार्ग से वहां तक का सफर मुश्किल लगता है. मगर सरकार ने जब से वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में पशुपतिनाथ तक हवाई यात्रा करवाने की घोषणा की, तब से कई बुजुर्गों की उनके दर्शन की उत्कंठा बढ़ गई है. मुफ्त हवाई यात्रा के प्रति रुझान से आ रहे ढेरों आवेदन से कहीं यह आस अधूरी न रह जाए. देशभर के तीर्थ घूम चुके कई बुजुर्गों को विदेश यात्रा की मुराद अब तक अधूरी है. पशुपतिनाथ के दर्शन और हवाई यात्रा में कभी पारिवारिक उलझन तो कभी पैसों की तंगी उनके आड़े आ गई थी. यह इच्छा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन कर चुके शहर के अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों ने व्यक्त की. पड़ोसी देश नेपाल में पशुपतिनाथ की विदेश यात्रा को लेकर वरिष्ठ नागरिकों में खासा उत्साह है. यही कारण है कि अन्य तीर्थों के मुकाबले वहां के लिए सर्वाधिक आवेदन आए हैं.

वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के तहत रेलगाड़ी और हवाई जहाज से 5-5 हजार वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा करवाई जाएगी. यात्रा के आवेदन शुरू हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं, लेकिन 41 हजार 260 यात्रियों के 23 हजार 602 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं.आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई तक चलेगी. ऐसे में इस संख्या में भारी इजाफा होने की संभावना है. आवेदनों में सर्वाधिक प्राथमिकता नेपाल के पशुपतिनाथ के लिए सामने आई है. हवाई यात्रा में आए कुल 18 हजार 751 यात्रियों में से पशुपतिनाथ काठमांडू (नेपाल) के लिए ही 11 हजार 471 आवेदन किए गए है. वहीं हवाई यात्रा में दूसरी और तीसरी प्राथमिकता गंगासागर-दक्षिणेश्वर काली-वैलूर मठ-कोलकाता को दी गई है. रेल यात्रा के लिए अब तक 23 हजार 619 यात्रियों में से सर्वाधिक 9 हजार 652 यात्रियों ने रामेश्वरम् को प्राथमिकता दी है. इसमें 5 हजार 454 यात्रियों ने द्वितीय प्राथमिकता जगन्नाथपुरी को दी है. इसी प्रकार तृतीय प्राथमिकता 5 हजार 859 यात्रियों ने तिरुपति को दी है. इस बार भी सबसे ज्यादा जयपुर संभाग से 1 हजार 221 वरिष्ठ नागरिक हवाईजहाज और 1 हजार 221 रेलमार्ग से तीर्थयात्रियों का कोटा तय किया गया है. जिसमें सबसे ज्यादा जयपुर जिले से 483 वरिष्ठ नागरिक हवाईजहाज और रेलमार्ग से 483 बुजुर्ग तीर्थयात्रा पर जा सकेंगे.

बहरहाल, प्रदेश के हजारों तीर्थयात्रियों के लिए सामूहिक रूप से पवित्र तीर्थ स्थनों की यात्रा उनके जीवन के लिए अविस्मरणीय बन गये हैं. इस योजना से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर खुशी और उत्साह की चमक देखी जा सकती है. वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना की सभी धर्म और वर्ग के लोगों ने सराहना करते हुए इसे सर्वधर्म समभाव की एक अनूठी मिसाल बताया है. इस योजना में ना जात-धर्म का कोई भेद है और ना ही अमीर-गरीब का, ना ही कोई वर्ग विशेष का. योजना हर किसी के लिए, ये योजना सामाजिक सद्भाव का है. यह योजना हर धर्म, समुदाय के लिए है. हर धर्म के बुजुर्ग, संग-संग चार धाम की यात्रा में नेपाल के पशपतिनाथ से लेकर अजमेर शरीफ और अमृतसर-आनंदपुरी के दर्शन भी कर सकेंगे.