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राजस्थान: खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, दो परिवारों का हुक्का पानी बंद

पीड़ित नावेद की माने तो गांव में पंचायत हुई जिसमें हमारे परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया और हम पर जुर्माना लगा दिया. हमारी जान को भी खतरा बना हुआ है हमारा हुक्का-पानी भी बंद कर दिया है. 

राजस्थान: खाप पंचायत का तुगलकी फरमान, दो परिवारों का हुक्का पानी बंद

देवेंद्र सिंह, कामां: भरतपुर के कामां में खाप पंचायत के तुगलगी फरमान सुनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कामां के गांव बिलग में दो दिन पहले खेत को लेकर दो परिवारों में झगड़ा हुआ था. जिसके बाद खाप पंचायत बुलाई गई. जिसमे पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए झगड़ा करने वाले दोनों परिवारों का हुक्का पानी बंद कर दिया और 51 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया. यहां तक कि गांव वालों से इन परिवारों से संबंध नहीं रखने का भी फरमान सुनाया गया है और फैसले का उल्लंघन करने वालों पर ग्यारह हजार का जुर्माना लगेगा. पचों के तुगलगी फरमान के बाद पीड़ित परिवारों ने पुलिस थाने में पंचों के खिलाफ तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

दरअसल, कामां थाने के गांव बिलग में दो दिन पहले इसलिए और अकरम के बीच खेत को लेकर लाठी भांटा जंग हो गई थी. जिसमें दोनों पक्षों के 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिनको राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से एक की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था. सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया था. इसके बाद गांव वालों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था लेकिन रविवार को दोबारा विवाद हो गया था जिसमें एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के लोगों की दोबारा पिटाई कर दी गई. जिसमें एक युवक घायल हो गया. जिसे कामां अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस झगड़े से परेशान होकर गांव में पंचायत बुलाई गई और इब्राहिम और रत्ती के परिवार पर खाप पंचायत की ओर से 51-51 हजार रूपये जुर्माना लगा दिया गया. जब पीड़ितों ने जुर्माना देने से मना कर दिया तो खाप पंचायत ने फैसला सुनाते हुए इब्राहिम और रत्ती के परिवार को समाज से बेदखल कर दिया साथ ही हुक्का पानी बंद करने का तुगलकी फरमान सुना दिया.

बात यहीं नहीं खत्म हुई पंचों ने गांव वालों को भी हिदायत दी कि अगर कोई इन दोनों परिवारों से मेलजोल रखेगा, लेन-देन करेगा या फिर गांव की किसी दुकान से सामान खरीदेगा, खेत जोतेगा या अन्य किसी भी प्रकार का संबंध रखने पर उसे खाप पंचायत के फैसले का उल्लंघन माना जाएगा और नियम को तोड़ने वालों पर ग्यारह हजार रूपये का जुर्माना वसूला जाएगा.

पीड़ित नावेद की माने तो गांव में पंचायत हुई जिसमें हमारे परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया और हम पर जुर्माना लगा दिया. हमारी जान को भी खतरा बना हुआ है हमारा हुक्का-पानी भी बंद कर दिया है. हमसे पंचों ने 51 हजार रुपये दंड लगा दिया. वहीं पीड़ित जावेद ने बताया कि हमारे परिवार के दो पक्षों में खेत को लेकर झगड़ा हुआ था, हम दोनों ही परिवारों पर 51-51 हजार का दंड लगा दिया गया. साथ ही सभी गांव वालों से ये भी कह दिया गया है कि जो इन लोगों से संबंध रखेगा उसे भी समाज से बेदखल कर दिया जाएगा.

इधर जब खाप पंचायत का मामला पुलिस थाने पहुंचा तो फैसला सुनाने वाले पंचों ने कामा थाने पहुंचकर अपनी सफाई पेश की है. पंचों का कहना है मामले के लेकर झूठी अफवाह फैलाई जा रही है. खेत की पैमाइश के लिए कुछ पैसे जमा कराने की बात कही गई थी. फिलहाल पीड़ित पक्ष के दोनों परिवारों ने तुगलकी फरमान सुनाने वाले 14 पंचों को नामजद करते हुए मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. पुलिस पीड़ित पक्ष से शिकायत लेकर मामले की जांच में जुटी है.