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राजस्थान: अधिकारियों ने 4 लाख का कटवाया लंदन का टिकट, मंत्री ने लगाई जमकर क्लास

गहलोत सरकार के मंत्री ने कहा है कि वह तो लंदन नहीं जा रहे है लेकिन लंदन जाने के लिए उनके लिए विभागीय अफसरों ने ब्रिटिश एयरवेज का टिकिट बुक करा दिया जिसका किराया साढ़े 4 लाख से अधिक है जबकि इंडियन एयरवेज में इकोनॉमी क्लास में यही किराया मात्र 68 हजार रुपये है. 

राजस्थान: अधिकारियों ने 4 लाख का कटवाया लंदन का टिकट, मंत्री ने लगाई जमकर क्लास
राजस्थान सरकार के पर्टयन मंत्री विश्वेंद्र सिंह. (फाइल फोटो)

देवेंद्र सिंह, भरतपुर: लंदन में होने वाले वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट (World Travel Mart) में शामिल होने के लिए इस बार प्रदेश के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह लंदन नहीं जाएंगे. यह फैसला पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह (Vishvendra Singh) ने सरकार के आर्थिक संकट के चलते लिया है.

सिंह का कहना है कि वह सरकार का वित्तीय भार नहीं बढ़ाना चाहते हैं. सिंह ने कहा है कि एक तरफ तो उनके विभाग के पर्यटन निगम के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिले और दूसरी तरफ विभाग के मंत्री व अफसर सरकारी खर्चे पर विदेश दौरे करें यह सही नहीं है. 

बीजेपी शासनकाल की परिपाटी में होगा बदलाव
उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन काल से चली आ रही इस परिपाटी को अब विभाग में बदलना होगा. अब से ऑफिशियल काम से जो भी विदेश दौरे पर्यटन विभाग के अफसर व मंत्री करेंगे वह सब इकोनॉमी क्लास के ही होंगे. इसके लिए उन्होंने सबको निर्देशित कर दिया है.

 

दो अफसर भी कर सकते हैं काम
पर्यटन मंत्री सिंह ने कहा है कि वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट हर देश आयोजित करता है. लंदन में जो वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट है उसमें राजस्थान (Rajasthan)को सिर्फ एक स्टाल मिलता है वहां पर्यटन मंत्री सहित लवाजमें का कोई काम नहीं है. जो काम मंत्री को करना है वह वहां जाकर दो अफसर भी कर सकते हैं.

68 हजार की जगह 4 लाख का हुआ टिकट बुक
मंत्री सिंह ने बताया है कि वह तो लंदन नहीं जा रहे है लेकिन लंदन जाने के लिए उनके लिए विभागीय अफसरों ने ब्रिटिश एयरवेज का टिकिट बुक करा दिया जिसका किराया साढ़े 4 लाख से अधिक है जबकि इंडियन एयरवेज में इकोनॉमी क्लास में यही किराया मात्र 68 हजार रुपये है. मंत्री सिंह ने कहा है कि वह नहीं चाहते कि सरकारी बजट का कोई दुरुपयोग हो इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया है.

सरकार की वित्तीय हालात को देखकर पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह द्वारा लिया गया यह फैसला सही भी है क्योंकि मंत्री के साथ भारी लवाजमा जाता जिसमें प्रिंसीपल सेकेट्री, सेकेट्री ,जॉइंट डायरेक्टर सहित तमाम वो लोग शामिल होते जो कि कैबिनेट मंत्री के साथ प्रोटोकॉल में रहते.इ न सब के एयर टिकिट सहित 3 दिन में विदेश में रहने का भार भी सरकार को उठाना पड़ता है. जिससे सरकार पर कई लाख रुपये का वित्तीय भार पड़ता.

पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह इससे पहले भी सरकारी होटलों व पर्यटन निगम की सम्पतियों में ठहरने के दौरान अपना खर्च स्वंय वहन करने की पहल कर चुके है. साथ ही उनकी मंशा है कि घाटे से जूझ रही पर्यटन निगम सहित विभाग की सम्पतियों को घाटे से उबारा जाए और आरटीडीसी सहित पर्यटन निगम के कार्मिकों को समय पर वेतन सहित अन्य भत्तों का लाभ मिल सके. इसके लिए वह पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने सहित विभाग के स्तर पर होने वाली फिजूलखर्ची को कम करने की दिशा में काम कर रहे है. यही वजह है कि उन्होंने राजस्थान में कलाकार व कला दोनों को ही सहेजने के लिए सब जगह स्थानीय कलाकारों को मौका दिए जाने की व्यवस्था की है.