राजस्थान: रणथंभौर में फिर आई खुशियां, टी 8 बाघिन ने दिया 2 शावकों को जन्म

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों शावक अभी महज दो माह के ही हैं. ऐसा बहुत कम होता है जब कोई बाघिन महज दो माह के शावकों के साथ नजर आती है. 

राजस्थान: रणथंभौर में फिर आई खुशियां, टी 8 बाघिन ने दिया 2 शावकों को जन्म
रणथंभौर भ्रमण पर गए पर्यटकों को हालांकि कुछ पल के लिए ही दोनों शावकों की झलक मिल पाई.

सवाई माधोपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क में एक बार फिर खुशी छाई हुई है क्योंकि रणथंभौर की लाडली नामक बाघिन टी 8 ने एक बार फिर से दो शावकों को जन्म दिया है. रविवार को पार्क भ्रमण पर गए पर्यटकों को रणथंभौर के जोन नम्बर 6 में पटवा की बावड़ी के पास टी 8 दो नन्हे शावकों के साथ नजर आई. 

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों शावक अभी महज दो माह के ही हैं. ऐसा बहुत कम होता है जब कोई बाघिन महज दो माह के शावकों के साथ नजर आती है. अक्सर शावकों की सुरक्षा को लेकर बाघिन 3 से 4 माह तक शावकों को छुपाकर रखती है. टी 8 ने 2017 में भी दो शावकों को जन्म दिया था. 

बाघिन के नन्हे शावकों के साथ नजर आने के बाद वन विभाग द्वारा बाघिन और शावकों की सुरक्षा को लेकर वनकर्मियों की विशेष टीम बाघिन और उसके दोनों शावकों की मॉनिटरिंग के लिए लगाई गई है. जो निरन्तर बाघिन और दोनों शावकों पर नजर रख रखी है. 

रणथंभौर भ्रमण पर गए पर्यटकों को हालांकि कुछ पल के लिए ही दोनों शावकों की झलक मिल पाई. उसके बाद दोनों शावक झाड़ियों में ओझल हो गए पर बाघिन टी 8 काफी देर तक पर्यटकों को दिखाई दी. टी 8 के नन्हे शावकों के साथ नजर आने से रणथंभौर वन प्रशासन सहित वन्यजीवों में खुशी की लहर है. रणथभोर में निरन्तर बड़ती बाघों की संख्या रणथंभौर के लिए बेहद शुभ संकेत है.