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राजस्थान: खेत में बैठे बच्चे पर बाघ ने किया हमला, मौके पर हुई मौत

सीमा देवी खेत में उड़द काट रही थी और पास में ही सीमा देवी के 12 साल का बेटा नीरज नजदीक ही खेल रहा था. तभी अचानक एक बाघ रणथंभौर के जंगलों से निकलकर खेत में आ गया

राजस्थान: खेत में बैठे बच्चे पर बाघ ने किया हमला, मौके पर हुई मौत
बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद बाघ जंगल की और भाग निकला.

अरविंद सिंह, सवाई माधोपुर: रणथंभोर नेशनल पार्क से सटे गांवो में इंसानी जान लगातार बाघों के हमले का शिकार हो रही है. पिछले कुछ महीनों से इस क्षेत्र में बाघों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं. फलौदी वन क्षेत्र से सटे डंगरवाड़ा गांव के नजदीक खेत पर उड़द की फसल की कटाई कर रहे किसानों पर बाघ ने हमला कर दिया. 

सीमा देवी खेत में उड़द काट रही थी और पास में ही सीमा देवी के 12 साल का बेटा नीरज नजदीक ही खेल रहा था. तभी अचानक एक बाघ रणथंभौर के जंगलों से निकलकर खेत में आ गया और बच्चे पर हमला कर दिया. बाघ बच्चे को मुंह में दबाए घसीटता हुए ले जाने लगा. अपने बेटे को बचाने के लिए सीमा देवी बाघ के पीछे दौड़ पड़ी. 

इस दौरान बाघ ने बालक को नजदीक ही एक पानी भरे गड्डे में छोड़ दिया और बच्चे की मां सीमा देवी पर भी हमला कर दिया. हलांकि हमले में सीमा देवी बाल बाल बच गई. बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद बाघ जंगल की और भाग निकला. इससे पहले भी बाघ ने खंडार क्षेत्र के फरिया गांव में दो लोगों पर हमला कर दिया था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी.

खूंखार बन चुका है बाघ 'टी-104'
आदमखोर बाघ टी-104 भी अब तक तीन लोगों को मौत के घाट उतार चुका है. जिसके बाद बाघ टी-104 को एनक्लोजर में कैद कर रखा गया है. बाघ की हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है. वहीं वन प्रशासन में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा हैं, कि हमलावर बाघ टी-108 हो सकता है, क्योंकि फलौदी वन क्षेत्र में टी-108 का ही मूवमेंट है. रणथंभौर में बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, पार्क क्षेत्र में जगह कम पड़ने की वजह से रणथंभौर के बाघ पार्क क्षेत्र से बाहर निकल रहे है और इसकी कीमत इंसानों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है.

रणथंभौर में बाघों के रहने की जगह पर्याप्त नहीं
रणथंभौर में महज 50 बाघों के रहने की जगह है, जबकि वर्तमान में रणथंभौर में 72 बाघ है. ऐसे में ये बाघ टैरेटरी की तलाश में जंगल से बाहर निकल जाते है और इंसानों पर हमला कर देते है. बाघों के हमले वन विभाग की मॉनिटरिंग पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं.

--सूजीत कुमार निरंजन, न्यूज डेस्क