राजस्थान: हड़ताल खत्म करने की कोशिश तक नहीं, रोडवेज को हुआ 40 करोड़ का नुक्सान

पिछले 8 दिनों से बसे बंद होने के कारण आम लोगों को बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, निजी बस संचालक इस हड़ताल का भरपूर फायदा उठा रहे हैं. 

राजस्थान: हड़ताल खत्म करने की कोशिश तक नहीं, रोडवेज को हुआ 40 करोड़ का नुक्सान
पिछले 8 दिनों से जारी है रोडवेज की हड़ताल

जयपुर: राजस्थान में रोडवेज की लगातार जारी हड़ताल के कारण एक ओर जहां रोजाना लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. तो वहीं दूसरी ओर रोडवेज को भी रोजाना 40 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है लेकिन इसके बाद भी राजस्थान सरकार द्वारा हड़ताल को खत्म करने की कोशिश नहीं की जा रही है. बता दें, 16 सितंबर से शुरू हुई रोडवेज की हड़ताल लगातार आठवें दिन भी जारी रही. 

पिछले 8 दिनों से बसे बंद होने के कारण आम लोगों को बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, निजी बस संचालक इस हड़ताल का भरपूर फायदा उठा रहे हैं. जिसके चलते लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. बता दें, रोडवेज बसों में रोजाना 10 लाख लोग सफर करते हैं, जो पिछले 8 दिनों से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. बसे बंद होने के कारण रोडवेज को अब तक लगभग 40 करोड़ का नुकसान हो गया है. वहीं निजी बसें लोगों की जेब काट रही हैं. 

सिंधी कैंप बस स्टेंड पर रोजाना बस के चलने की आस में कई लोग पहुंच रहे हैं लेकिन बसों के हड़ताल पर होने के कारण उन्हें काफी धक्के खाने के बाद आखिर में निजी बसों की मनमानी को मानना पड़ रहा है और ज्यादा किराया देते हुए सफर करना पड़ रहा है. इसके बाद भी अब तक रोडवेज और सरकार की ओर से इस हड़ताल को खत्म करने की कोशिशे नहीं की जा रही हैं.

कार्मिक विभाग की हड़ताल हुई कमजोर
सिर्फ रोडवेज कर्मचारी ही नहीं बल्कि कार्मिक विभाग द्वारा भी हड़ताल शुरू की गई थी लेकिन कार्मिक विभाग की हड़ताल कमजोर पड़ते हुए नजर आ रही है. दरअसल, रोडवेज के सिंधी कैंप, दुर्गापुरा, नारायण सिंह सर्कल, चौमूं पुलिया, सोडाला, दो सौ फीट बायपास, ट्रांसपोर्टनगर, चौमूं, दूदू, मांजी की चक्की आदि पर लगभग 175 अफसर कार्मिक कार्यरत हैं और इनमें से पिछले 8 दिनों में रोजाना औसतन 20-25 कर्मचारियों की ही गैर हाजरी रही और बाकी सभी लोग मौजूद रहे. इस स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि कार्मिक विभाग के सदस्य गुटों में बंट गए हैं और आपसी सहमति से सभी हड़ताल पर नहीं हैं.