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जयपुर: कानून व्यवस्था पर बोले सचिन पायलट, कहा- 'स्थिति खराब हुई, इसे गंभीरता से लेना चाहिए'

विपक्ष भी लगातार कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है. पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे.

जयपुर: कानून व्यवस्था पर बोले सचिन पायलट, कहा- 'स्थिति खराब हुई, इसे गंभीरता से लेना चाहिए'
सचिन पायलट ने का कि अलवर, जयपुर समेत कई जगहों पर कानून व्यवस्था बिगड़ी है.

जयपुर: राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कानून व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार को निशान बनाया है. सचिन पायलट से मीडिया द्वारा प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर यह बयान दिया कि यह बात सही है कि कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है. अलवर, जयपुर समेत कई जगहों पर कानून व्यवस्था बिगड़ी है, जिसे गंभीरता से लेना चाहिए. 

बता दें कि दूसरी ओर विपक्ष भी लगातार कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है. पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. प्रदेश की कांग्रेस सरकार के शासन में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था पर निशाना साधते कहा था कि जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है तब से अपराधियों का हौसले बुलंद हैं.

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के शासन में 7 महीनों में ही प्रदेश की कानून व्यवस्था जिस दुर्गति पर पहुंची है, वो बहुत ही दुःखद और अफसोसजनक है. जो जिम्मेदार पद पर बैठा है उसी का पुलिस से काम लेने का दायित्व होता है. लेकिन सरकार का जो मुखिया गृह विभाग का भी प्रमुख है उनके कार्य की प्रमुखता में लॉ एण्ड ऑर्डर नहीं है.

कटारिया ने कहा था कि अनुसूचित जाति अत्याचारों में जुलाई, 2018 की तुलना जुलाई, 2019 से की जाये तो 85 प्रतिशत वृद्धि एवं वर्ष 2017 से वर्ष 2019 की तुलना करें तो लगभग 54 प्रतिशत वृद्धि और यदि 7 महीनों (जनवरी-जुलाई, 2018 से जनवरी-जुलाई, 2019 तक) तक तुलना करें तो करीब 43 प्रतिशत अपराधों में बढ़ोतरी हुई है. जबकि जुलाई, 2018 की तुलना जुलाई, 2019 से की जाये तो लगभग 123 प्रतिशत वृद्धि हुई है. 

कटारिया ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी जयपुर में गत 2 महीनों में साम्प्रदायिक उन्माद की कई घटनाऐं घटित हो चुकी है, जिनमें शास्त्री नगर, चार दरवाजा क्षेत्र, ईदगाह, कल्याणजी का रास्ता, मोती डूंगरी रोड़, खो-नागोरियां में हॉकर की कुल्हाड़ी से हत्या के बाद इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर, पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया. अलवर के बहरोड़ स्थित थाने से अभियुक्त को फायरिंग कर छुड़ा ले जाने वाली घटना प्रमुख है.