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Rajasthan News: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में खंडार उपखंड क्षेत्र के अल्लापुर गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र नन्हे बच्चों के लिए शिक्षा का स्थान कम और खतरे का गड्ढा ज्यादा बन चुकी है. बीते पांच वर्षों से बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने और मलबा गिरने की शिकायतें लगातार की जा रही हैं, लेकिन विभाग अब तक आंखें मूंदे बैठा है. ग्रामीण महिलाओं ने अब प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की है.
ग्रामीण महिला रेखा राव ने क्षतिग्रस्त छत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और अधिकारियों को भेजते हुए कहा कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होगा, तब तक विभाग नहीं जागेगा क्या? छत की हालत इतनी खराब है कि सरिए तक बाहर निकल आए हैं, और हर रोज मलबा गिरता है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भारी डर और नाराजगी है. महिलाएं कह रही हैं कि हम बच्चों को डरते हुए आंगनवाड़ी भेजते हैं, लेकिन और कोई विकल्प नहीं बचा.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीता शर्मा का कहना है कि हर साल छत की मरम्मत के लिए रिपोर्ट भेजी जाती है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती. विभागीय लापरवाही ने बच्चों के भविष्य के साथ-साथ उनके जीवन को भी खतरे में डाल दिया है. झालावाड़ हादसे के बाद पूरे प्रदेश में जर्जर सरकारी भवनों की स्थिति को लेकर समीक्षा शुरू की गई थी, लेकिन अल्लापुर की आंगनवाड़ी उस समीक्षा के दायरे में नहीं आ पाई. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभाग को लिखित व मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हुई.
अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र मरम्मत नहीं कराई गई तो वे सामूहिक रूप से प्रदर्शन करेंगे. यह मामला ना सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से खुला खिलवाड़ भी है.
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