State IB का सिपाही निकला वसूली वाला गुंडा, खेतों में दौड़ाकर ACB ने पकड़ा

आरोपी सिपाही (Constable) ने रिश्वत की राशि के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग रखी थी,लेकिन सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ था पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये लेते हुए एसीबी (ACB) की टीम ने उसे ट्रैप कर लिया 

State IB का सिपाही निकला वसूली वाला गुंडा, खेतों में दौड़ाकर ACB ने पकड़ा
ACB की गिरफ्त में State IB का घूसखोर सिपाही संजय सिंह

देवेन्द्र सिंह,भरतपुर: जयपुर एसीबी (ACB) की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए स्टेट आईबी (State IB) के भरतपुर जोनल कार्यालय में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है चौंकाने वाली बात ये हैं, कि आरोपी सिपाही (Constable) ने रिश्वत ( bribe) की राशि के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग रखी थी,लेकिन सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ था पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये लेते हुए एसीबी (acb) की टीम ने उसे ट्रैप कर लिया यह पूरी कार्यवाही एसीबी(ACB) के डीजीपी डॉ आलोक त्रिपाठी, एडीजी एसीबी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एम एन के निर्देशन में एएसपी नरोत्तम वर्मा की अगुवाई में की गई . ट्रैप के दौरान आरोपी सिपाही ने भागने की भी कोशिश की जिसे एसीबी (ACB) टीम ने खेतों में पीछा कर पकड़ लिया . एसीबी टीम ने उसे नजदीक में ही सातवीं बटालियन आरएसी के कैम्प में ले गई. एसीबी (ACB) की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है.
इस पूरे मामले में हिंडौन निवासी रामदुलारी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के प्रिंसिपल और पीड़ित ने जयपुर एसीबी कार्यालय में परिवाद दायर किया था। पीड़ित अपने भाइयों के साथ रामदुलारी शिक्षक प्रशिक्षण बीएड कॉलेज संचालित करते हैं.  इसको लेकर भरतपुर स्टेट आईबी कार्यालय में तैनात सिपाही संजय सिंह ने कॉलेज संचालक को फोन पर धमकाते हुए कहा कि कॉलेज के डॉक्यूमेंट(Document) फर्जी है, गलत तरीकों से आपने मान्यता ली है. सिपाही संजय सिंह कॉलेज संचालक को केस में फंसाने की धमकी देकर मामले को रफ़ा दफा करने के लिए कहा.बताया जा रहा है कि दीपावली से दो दिन पहले पीड़ित आरोपी से मिलने भरतपुर आया और एक निजी होटल में स्टेट आईबी के अफसर के साथ आरोपी सिपाही(Constable) से मुलाकात की. सिपाही(Constable) ने घूस के तौर पर एक करोड़ रूपए की मांग की बाद में 45 लाख रुपये में सौदा तय हुआ. पीड़ित ने किश्तों में पैसा देने की बात कही जिस पर सिपाही राजी हो गया. आरोपी सिपाही(Constable) पहली किश्त लेते ही एसीबी (ACB)के ट्रैप (trap) में फंस गया
इस पूरे प्रकरण में खास बात यह भी है कि पीड़ित कॉलेज संचालक (College Owner) के साथ पूर्व में भी करौली पुलिस में तैनात एक पुलिसकर्मी ने 25 लाख की ठगी की थी. पीड़ित ने सिपाही (Constable)को घूस की 25 लाख की रकम दे दी थी. इसका फायदा उठाते हुए आरोपी सिपाही(Constable) ने फिर से कॉलेज संचालक को ठगने का प्लान बनाया और उससे रिश्वत की बड़ी रकम एक करोड़ की मांग की. पहले से ठगी का शिकार हो चुके पीड़ित ने एसीबी (ACB) में इसकी शिकायत (Complain) कर दी. आमतौर पर स्टेट आईबी का काम इंटेलीजेंस की सूचनाएं जुटाना होता है और वीआईपी दौरे में देख रेख का होता है आईबी कार्यालय में जो शिकायत जाती है, वो बेहद ही गोपनीय होती है. लेकिन महकमे के एक सिपाही(Constable) ने जिस तरह ठगी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की उससे साफ हैं, कि स्टेट आईबी में भ्रष्टाचार की दीमक ने अपने घर बना लिए है .जो भविष्य के लिए खतरनाक सकेंत है .