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राजस्थान में बढ़ा मौसमी बिमारियों का असर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

राजस्थान में पशुजनित बीमारियां भी दबे पांव अपना असर दिखाने लगी हैं. प्रदेश में पशुजनित कांगों फीवर से राजस्थान के जोधपुर में 2 मौत हो चुकी है. 

राजस्थान में बढ़ा मौसमी बिमारियों का असर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
प्रदेशभर के CMHO को अलर्ट जारी किया गया है.

जयपुर: राजस्थान में एकाएक मौसमी बिमारियों का असर देखने को मिल रहा है. जोधपुर जिले में पशुजनित कांगों फीवर से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे में हडकंप की स्थिति है. प्रदेशभर के CMHO को अलर्ट जारी किया गया है कि मौसमी बीमारियों को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था मुस्तैद रखें. वहीं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री जनता से जागरूकता की अपील कर रहे है.  

यहां तक कि राजस्थान में पशुजनित बीमारियां भी दबे पांव अपना असर दिखाने लगी हैं. बता दें कि पशुजनित कांगों फीवर से राजस्थान के जोधपुर में 2 मौत हो चुकी है. वहीं वहीं अब ऐसे भी अनुमान लगाए जा रहे है कि बारिश के बाद सबसे ज्यादा असर डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टायफस का रहेगा. बता दें कि प्रदेश में 1 जनवरी से 10 सितम्बर 2019 तक स्क्रब टायफस से एक मौत हुई है. वहीं मलेरिया से एक मौत हो चुकी है. मौसम के बदलाव के साथ ही स्वाइन फ्लू अपना असर दिखायेगा जो कि पिछली बीजेपी सरकार के लिए स्वाइन फ्लू बड़ा सर दर्द था.

वहीं, सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा का कहना है कि प्रदेश में मौसमी बीमारियों से डरने की नहीं बल्कि उसका डटकर मुकाबला करने की जरूरत है. दरअसल जानकारी के अभाव में लोग समय से जांच कराने के लिए अस्पताल नहीं पहुंचते जिसके चलते मौतों के आंकड़ों में इजाफा होता है. आपको बता दें कि मौसमी बीमारियों से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत मामले उन मरीजों के होते है, जो क्रोनिकल डिजीज का सामना कर रहे होते है. उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम होती है.

हालांकि, स्वास्थ्य महकमा मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए ना सिर्फ बैठक कर रहा है. बल्कि स्वास्थ्य मंत्री इ निर्देश पर 'व्हाट्सएप' पर एक ग्रुप भी बनाया है जिसमें ACS से लेकर अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद है. इस ग्रुप के जरिये पूरे प्रदेश पर नजर रखी जा रही है कि आखिर मौसमी बीमारियों को लेकर सुविधा, तैयारी और वास्तविक हालात क्या है.