सड़क से गुजरा जब corona heroes का काफिला, छतों पर उमड़ आया भीलवाड़ा

राजस्थान में कोरोना वायरस के शुरुआती मामलों में सबसे ज़्यादा मामले भीलवाड़ा में ही पाए जा रहे थे, लेकिन पिछले 9 दिन में यहां पर कोरोना संक्रमण का सिर्फ एक मामला आया है. 

सड़क से गुजरा जब corona heroes का काफिला, छतों पर उमड़ आया भीलवाड़ा
यहां पर तीन से तेरह अप्रैल तक महाकर्फ्यू लगा हुआ है.

दिलशाद खान/भीलवाड़ा: कपड़ा नगरी भीलवाड़ा कोरोना से जंग जीतता नजर आ रहा है. यह सब यहां के प्रशासन, पुलिस, मेडिकल स्टाफ व आमजन के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है. कोरोना को हराने में आमजन की भागीदारी की एक बानगी उस वक्त देखने को मिली जब महाकर्फ्यू के छठे दिन पुलिस ने वाहन रैली निकाली. रैली पर शहर के लोगों ने फूल बरसाए और कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे इन लोगों का हौसला बढ़ाया.

बता दें कि, भीलवाड़ा में कोरोना वायरस को रोकने के लिए 24 मार्च से जारी लॉकडाउन के साथ-साथ यहां पर तीन से तेरह अप्रैल तक महाकर्फ्यू लगा हुआ है. कोरोना के खौफ के बीच महाकर्फ्यू लगाने वाला भीलवाड़ा देश का इकलौता शहर है. महाकर्फ्यू के छठे दिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के नेतृत्व में वाहन रैली शाम पांच बजे कंट्रोल रूम के बाहर से शुरू हुई. 

पुलिस उपाधीक्षक, थानाप्रभारी अपनी-अपनी जीपों में सवार थे. उनके बीच में रक्षा दल की महिला पुलिसकर्मी और यातायात पुलिस के साथ कई जवान मोटरसाइकिलों पर हेलमेट पहनकर रवाना हुए. शहर की जिस जिस कॉलोनी से यह दस्ता गुजरा उन कॉलोनियों में क्षेत्रवासियों ने पुष्प वर्षा व तालिया बजा कर कोरोना योद्धा का उत्साहवर्धन किया.

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस से लड़ाई में भीलवाड़ा मॉडल की बहुत चर्चा हो रही है. भीलवाड़ा राजस्थान का एक जिला था जिसे भारत में कोरोना वायरस का पहला Hot Spot कहा जाता है. राजस्थान में कोरोना वायरस के शुरुआती मामलों में सबसे ज़्यादा मामले भीलवाड़ा में ही पाए जा रहे थे, लेकिन पिछले 9 दिन में यहां पर कोरोना संक्रमण का सिर्फ एक मामला आया है. 

भीलवाड़ा में वायरस के संक्रमण की पुष्टि एक निजी अस्पताल के डॉक्टर में हुई थी. इसके बाद उस अस्पताल के कई दूसरे डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी भी संक्रमित पाए गए. इससे वहां इलाज के लिए आए मरीजों में भी संक्रमण फैल गया था. इस अस्पताल में दूर दूर से लोग इलाज के लिए आते थे. चुनौती ये थी कि अस्पताल से शुरू हुई संक्रमण की Chain को कैसे तोड़ा जाए. इसके लिए जो रणनीति बनाई गई, वही भीलवाड़ा मॉडल है.

20 मार्च से ही भीलवाड़ा में कर्फ्यू लग गया, यानी देश भर में Lockdown के ऐलान से 4 दिन पहले. जिले की सीमाएं सील की गईं, Hot Spots की पहचान की गई, No Movement Area बनाए गए. करीब साढ़े 17 हजार लोगों की पहचान की गई, जिन लोगों के कोरोना संक्रमित होने का संदेह था. Quarantine के लिए जिले के 27 होटल, 4 निजी अस्पताल, 22 Institute और हॉस्टल का इस्तेमाल किया. 

प्रशासन ने करीब 4 हज़ार टीमें बनाईं, भीलवाड़ा में करीब साढ़े चार लाख घरों का सर्वे किया गया. घर घर जाकर करीब साढ़े 22 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई, गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले को sanitize किया गया. ये सब युद्ध लड़ने के जैसा था. इसीलिए जब भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण के मामले बिल्कुल कम हो गए हैं तो पुलिस और प्रशासन ने विजय जुलूस निकाला. वहीं, भीलवाड़ा के लोगों ने भी Corona Fighters का अभिनंदन फूल बरसा कर और तालियां बजा कर की.