&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Bhilwara News : राजस्थान में चलाए जा रहे ''हरियालो राजस्थान'' अभियान की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं. गुलाबपुरा उपखंड के हुरडा ब्लॉक में स्थित हुरड़ा और जालमपुरा गांव में 35 बीघा चारागाह भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों को ''पौधरोपण'' के नाम पर काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है.
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन भूमि से पेड़ों की अवैध कटाई और उनकी बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कलेक्टर से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. हरे पेड़ो को काटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे देखकर आमजन निंदा कर रहे हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सरकार ''हरियालो राजस्थान'' अभियान के तहत प्रदेश में हरियाली बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ हुरडा़ और जालमपुरा में बड़े पैमाने पर पेड़ों की बलि देकर अभियान की मूल भावना को ही ठेस पहुंचाई जा रही है. चरागाह भूमि पर सदियों से लगे इन पेड़ों को काटकर वन भूमि को उजाड़ने का यह कृत्य पर्यावरणीय और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से निंदनीय है.
इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल पेड़ों की कटाई का मामला नहीं, बल्कि वन संपदा के अवैध दोहन और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का भी मामला है. ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. देखना होगा कि इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई की जाती है और ''हरियालो राजस्थान'' अभियान की आड़ में हुई इस कथित अनियमितता की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Bhilwara Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!