Bhilwara News: 9 अगस्त 2025, विश्व आदिवासी दिवस से समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और नशाखोरी सहित अन्य सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.
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Jahazpur, Bhilwara News: जहाजपुर मीणा समाज विकास संस्थान छात्रावास परिसर में आयोजित मीणा समाज महापंचायत ने समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. ये सभी नियम आगामी 9 अगस्त 2025, विश्व आदिवासी दिवस से लागू होंगे.
मीणा समाज अध्यक्ष श्योजी राम मीणा ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि 9 अगस्त 2025, विश्व आदिवासी दिवस से समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और नशाखोरी सहित अन्य सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.
विवाह-सगाई में सादगी को बढ़ावा
सगाई में दोनों पक्षों से केवल 25-25 मेहमान शामिल हो सकेंगे, वर-वधु को केवल नारियल और ₹101/- का उपहार दिया जाएगा, शादी में सिर्फ दो मिठाई और दाल-पूड़ी परोसने की अनुमति होगी, वधु पक्ष द्वारा अधिकतम दो तोला सोना और सामर्थ्यानुसार चांदी के जेवर ही दिये जा सकेंगे, दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और प्री-वेडिंग शूट की अनुमति नहीं होगी.
मृत्युपरांत और धार्मिक संस्कारों में सादगी
मृतक को पहरावणी केवल परिवार द्वारा ही की जाएगी, अन्य लोग केवल नारियल भेंट कर सकते हैं, तेहरवां, एक माही, छः माही और बारह माही की रसोई पर रोक लगाई गई है, “शैली बांधने” की प्रथा, जिसमें भोजन बांधकर ले जाया जाता था, अब पूरी तरह प्रतिबंधित है, सभी संस्कार बाहरवें दिन ही सम्पन्न करने के निर्देश दिए गए हैं.
मायरा और पेट-पहरावणी में सीमाएं तय
मायरे में बहन-बेटी के पति, सास-ससुर और बच्चों के लिए ही वस्त्र लाए जा सकेंगे, अन्य के लिए लिफाफे में राशि दी जाएगी, पेट-पहरावणी में भी केवल खास परिजन के वस्त्र लाने की अनुमति रहेगी.
नशाखोरी व डीजे पर सख्त प्रतिबंध
किसी भी सामाजिक आयोजन में शराब, अफीम, चरस, स्मैक, गांजा व अन्य नशे के सेवन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी. डीजे बजाने पर प्रतिबंध रहेगा, केवल दो स्पीकर तक अनुमति दी गई है, सभी कार्यक्रमों में भोजन का समय रात्रि 9 बजे तक सीमित रहेगा.
सामाजिक अपराधों पर कठोर दंड
अविवाहित कन्या को बहला-फुसलाकर भगाने पर ₹5 लाख जुर्माना व कानूनी कार्यवाही होगी, विवाहित महिला/पुरुष के भागने या भगाने पर भी कम से कम ₹5 लाख की झगड़ा राशि तय की गई है, हिंदू विवाह अधिनियम 1955 लागू न होने से विवाह विवाद समाज की लोक अदालतों में सुलझाए जाएंगे.
शिक्षा और पुनर्विवाह को बढ़ावा
विधवा महिला के पुनर्विवाह को समाज में ससम्मान मान्यता दी जाएगी, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को संस्थान की ओर से उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए सहयोग दिया जाएगा.
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
जो कोई भी समाज द्वारा निर्धारित इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर ₹51,000/- का आर्थिक दंड लगाया जाएगा.
नरेश मीणा की गिरफ्तारी पर भी उठा मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान अम्बेडकर विचार मंच के अध्यक्ष रामजस मीणा ने बीते छः महीने से जेल में बंद नरेश मीणा के मामले को उठाते हुए समाज के नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि "जब हमारा ही समाज संकट में हो और कोई नेता आवाज़ न उठाए, तो यह चिंताजनक है." रामजस मीणा ने समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे नरेश मीणा के मामले में सामने आएं और न्याय की मांग करें.
ये लोग रहे मौजूद
इस महापंचायत में विधायक गोपीचंद मीणा, उपखंड अधिकारी राजकेश मीणा, मुन्ना लाल मीणा, ूर्व कलेक्टर शिवजी राम प्रतिहार, रामकुमार मीणा (बाबा), रामजस मीणा, रामप्रसाद मीणा लुहारी कलां, नारायण सिंह, के आर कमलेश, किशन लाल मीणा, लादू लाल कस्टम, चेयरमैन नरेश मीणा, गेगाराम मीणा सहित सैकड़ों मीणा समाज के लोग मौजूद थे. मंच का संचालन राजेन्द्र मीणा ने किया.