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Bhilwara News: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और इस बार यह पर्व 10 दिनों तक चलेगा, क्योंकि पंचमी तिथि में वृद्धि हुई है. इसके साथ ही भीलवाड़ा में गरबा महोत्सव का भी आगाज हो गया है. शहर के माता मंदिरों, गलियों, मोहल्लों और विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा के गरबा पंडाल भक्तिभाव के साथ सजाए गए हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह 10 दिवसीय पर्व अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिसमें मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी.
गरबा पंडालों में कड़े नियम
इस बार भीलवाड़ा की गरबा समितियों ने आयोजन में विशेष इंतजाम किए हैं. सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया है कि गरबा पंडालों में दूसरे समुदाय के लोगों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी. प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा और तिलक लगवाकर स्वागत किया जाएगा. इसके अलावा, महिलाओं और युवतियों से पारंपरिक परिधान जैसे साड़ी या लहंगा पहनकर आने की अपील की गई है, ताकि पश्चिमी परिधान जैसे जींस और टी-शर्ट से बचा जा सके.
हिंदू संगठनों की सक्रिय भूमिका
भीलवाड़ा में इस बार 60 से अधिक स्थानों पर गरबा महोत्सव और 12 से ज्यादा स्थानों पर डांडिया वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने इन आयोजनों की तैयारियों के लिए कई बैठकें की हैं. इन बैठकों में गरबा समितियों के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ मिलकर एंट्री प्रतिबंध और अन्य नियमों को लागू करने का निर्णय लिया गया. इन फैसलों को वॉट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है.
लव जिहाद रोकने का दावा
बजरंग दल के सह विभाग संयोजक आशीष दाधीच ने बताया कि लव जिहाद की घटनाएं देशभर में बढ़ रही हैं. उनके अनुसार, दूसरे समुदाय के लोग गरबा पंडालों में अवसर तलाशते हैं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या लालच देकर उन्हें फंसाने की कोशिश करते हैं. इसे रोकने के लिए गरबा पंडालों को पूरी तरह हिंदू आयोजन घोषित किया गया है, जिसमें दूसरे समुदाय के लिए कोई जगह नहीं है. सुरक्षा के लिए एंट्री गेट पर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता तैनात रहेंगे, जो आधार कार्ड की जांच करेंगे.
पंडालों की पवित्रता के लिए विशेष उपाय
आयोजकों ने गरबा पंडालों की पवित्रता बनाए रखने के लिए गंगाजल और गोमूत्र के छिड़काव की व्यवस्था की है. साथ ही, सभी प्रतिभागियों को पारंपरिक परिधान में आने का निर्देश दिया गया है. बजरंग दल के नेता दाधीच ने जोर देकर कहा कि ये उपाय हिंदू रीति-रिवाजों के अनुरूप आयोजन को और पवित्र बनाएंगे.
महिलाओं से पारंपरिक परिधान की अपील
गरबा आयोजन समिति की महिला सदस्य और पूर्व पार्षद खुशबू शुक्ला ने बताया कि वे लगातार महिलाओं के समूहों के साथ संपर्क में हैं और उन्हें संदेश दे रही हैं कि नवरात्रि के दौरान शालीन और मर्यादित पारंपरिक परिधान पहनें. उन्होंने जींस और शॉर्ट टॉप की जगह साड़ी, लहंगा या अन्य पारंपरिक वस्त्र पहनने की सलाह दी है, ताकि पर्व की गरिमा बनी रहे.
बैनर और सूचना का प्रचार
पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र हाड़ा ने बताया कि हिंदू संगठनों के निर्देशों के अनुसार, गरबा पंडालों के मुख्य द्वार पर बैनर लगाए जाएंगे, जिनमें दूसरे समुदाय की एंट्री पर प्रतिबंध की जानकारी होगी. यह सूचना 15 दिन पहले ही दी जा चुकी थी, जिसके आधार पर तैयारियां की गई हैं. प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड जांचने के बाद तिलक लगाकर उनका स्वागत किया जाएगा.
नवरात्रि का महत्व
इस बार नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि 10 दिनों तक चलने वाला यह पर्व शुभ फल देने वाला माना जा रहा है. भीलवाड़ा में गरबा महोत्सव के आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक नियमों के पालन पर भी जोर दे रहे हैं. इन नए नियमों और तैयारियों के साथ, आयोजक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गरबा महोत्सव पूरी तरह से हिंदू परंपराओं के अनुरूप और सुरक्षित रूप से संपन्न हो.
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