लॉटरी विवाद में पहली बड़ी कार्रवाई, यूआईटी के AEN को APO किए जाने से मचा हड़कंप

Rajasthan News: भीलवाड़ा यूआईटी ऑनलाइन लॉटरी विवाद में सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव को एपीओ कर जयपुर मुख्यालय भेजा गया है. विभाग ने इसे प्रशासनिक निर्णय बताया, जबकि आंदोलनरत संघर्ष समिति इसे जनता के दबाव और अपनी बड़ी जीत मान रही है.

लॉटरी विवाद में पहली बड़ी कार्रवाई, यूआईटी के AEN को APO किए जाने से मचा हड़कंप
Image Credit: Bhilwara APO news updates

Bhilwara News: भीलवाड़ा यूआईटी की ऑनलाइन लॉटरी को लेकर लंबे समय से विवादों में घिरे सहायक अभियंता (एईएन) रविश श्रीवास्तव को आखिरकार एपीओ कर दिया गया है. हालांकि विभाग की ओर से इस कार्रवाई को प्रशासनिक कारणों से जुड़ा बताया गया है, लेकिन लॉटरी के विरोध में आंदोलन कर रही संघर्ष समिति इसे अपनी बड़ी सफलता मान रही है. इस फैसले के बाद पूरे मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है.

नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश के अनुसार, भीलवाड़ा में पदस्थापित सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से एपीओ किया गया है. फिलहाल उन्हें किसी नई जगह पर तैनाती नहीं दी गई है. आदेश के तहत उन्हें जयपुर सचिवालय स्थित नगर विकास विभाग के मुख्यालय भेजा गया है. जब तक अगला आदेश जारी नहीं होता, तब तक उन्हें वहीं अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

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यूआईटी की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में रविश श्रीवास्तव की भूमिका अहम मानी जा रही थी. बताया जाता है कि लॉटरी की पूरी ऑनलाइन व्यवस्था उन्हीं की देखरेख में संपादित की गई थी. इसी वजह से लॉटरी में सामने आई अनियमितताओं के आरोप सीधे तौर पर उन पर लगे. इन आरोपों को लेकर पिछले करीब दो महीनों से भीलवाड़ा बचाओ संघर्ष समिति लगातार आंदोलन कर रही थी और लॉटरी प्रक्रिया को रद्द करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रही थी.

जनता के लगातार विरोध और दबाव के बाद यूआईटी अधिकारियों को भी यह स्वीकार करना पड़ा था कि ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में तकनीकी खामियां रही हैं. इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई. इस मामले में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात जरूर कही थी, लेकिन जमीन पर सख्ती दिखाई नहीं दी.

इसी बीच सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर भीलवाड़ा आए उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा के सामने संघर्ष समिति ने एक बार फिर यह मामला उठाया. संघर्ष समिति के संयोजक विजयपाल सिंह ने दस्तावेजों के साथ पूरी जानकारी रखते हुए कार्रवाई की मांग की. इसके बाद ही विवादों में घिरे यूआईटी के सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव को एपीओ किए जाने का आदेश सामने आया.

हालांकि विभाग ने इस कार्रवाई के पीछे प्रशासनिक कारण बताए हैं, लेकिन संघर्ष समिति इसे अपने आंदोलन की जीत के तौर पर देख रही है. समिति का कहना है कि यह फैसला जनता के दबाव और लगातार संघर्ष का नतीजा है. उनका मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी लॉटरी मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए.

फिलहाल रविश श्रीवास्तव को जयपुर भेजे जाने के बाद यूआईटी लॉटरी मामले पर सभी की निगाहें अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. अब यह देखना होगा कि जांच की दिशा क्या रहती है और क्या इस प्रकरण में आगे और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होती है या नहीं.

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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