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कोटा: कोचिंग टेस्ट में कम अंक आना बर्दाश्त नहीं कर सकता छात्र, फंदे पर झूला

पुलिस जांच में पता चला है कि कोचिंग के टेस्ट में छात्र अमित को कम नंबर आए थे, जिसके चलते छात्र का बैच बदल दिया गया था. छात्र अमित को बैच B1 से निकाल कर B5 बैच में भेज दिया गया था. इसी वजह से छात्र तनाव में था.

कोटा: कोचिंग टेस्ट में कम अंक आना बर्दाश्त नहीं कर सकता छात्र, फंदे पर झूला
कोटा के कोचिंग सेंटर छात्रों के लिए सुसाइड प्वाइंट बन रहे हैं.

कोटा: कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र के फंदे पर झूलकर जान देने की घटना मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि टेस्ट में नंबर कम आने के चलते कोचिंग सेंटर ने छात्र का बैच चेंज कर दिया था, जिसके चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान था. इसी परेशानी को झेल नहीं पाने के चलते छात्र ने सुसाइड कर लिया. 

पुलिस जांच में पता चला है कि कोचिंग के टेस्ट में छात्र अमित को कम नंबर आए थे, जिसके चलते छात्र का बैच बदल दिया गया था. छात्र अमित को बैच B1 से निकाल कर B5 बैच में भेज दिया गया था. इसी वजह से छात्र तनाव में था. यही तनाव छात्र के जीवन पर इतना भारी पड़ा कि छात्र ने खुदकुशी का रास्ता चुन लिया. छात्र के तनाव से उसकी मानसिक स्थिति का पूरा खुलासा इस सुसाइड नोट को देखकर ही लगाया जा सकता है. 

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छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है-: 

'सभी की आशाएं मेरे से जुड़ी मां-पापा, बड़खा बाबू, नाना-नानी, मामा-मामी की. मैं यहां पर क्या कर रहा हूं. कोई नहीं जानता कि मैं एक लय से सबके सपनों पर पानी फेर रहा हूं. क्या मैं ये सही कर रहा हूं प्रभु! क्या खुद के बचपन के सपनों को तोड़ना इतना सही है. क्या खुद के अंतर्मन को गंदा करना इतना सही है. क्या अपने पिता की मेहनत को बर्बाद करना इतना सही है. क्या इस समय को गंवाना बेवकूफी नहीं है. अगर ये सब गलत है तो मुझे सही राह दिखाइए. हे सच्चिदानंद, हे अरिसूदन, हे मधुसूदन, मुझे मार्ग दिखाइए मैं अपना सर्वस्व आपके चरणों मे सौंपता हूं.

अपने मन की पीड़ा को कागज पर उकेरने के बाद छात्र ने अपने कमरे में खुदकुशी कर ली. इस तरह एक कोचिंग सेंटर की अंधी दौड़ को पूरा करते करते एक होनहार अपनी जिंदगी की रेस में हार गया.

लाइव टीवी देखें-:

मृतक छात्र अमित बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला था. सूचना मिलने पर परिवार में मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. माता पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. उन्हें अफसोस हो रहा है कि उन्होंने क्यों अपने बेटे को कोटा में भेजा. पढ़ाई में होनहार अमित खुशमिजाज ओर धार्मिक प्रवृति का बालक था, जिसकी ईश्वर में गहरी आस्था थी और इसकी झलक सुसाइड नोट में दिख रही है.

मालूम हो कि कोटा में बड़ी ओर छोटी कोचिंग को मिलाकर लगभग 20 कोचिंग हैं, जो IIT और मेडिकल की तैयारी करवाती हैं. यहां लगभग देश के हर कोने से आने वाले 2.50 लाख स्टूडेंट्स अपना भाग्य आजमाते हैं. वहीं कोचिंग के एक बैच में 1000 से 1200 छात्र होते हैं. एक क्लास में 250 से 300 बच्चे एक बार में पढ़ते हैं. साल 2018 में कोटा में तैयारी करने वाले 20 छात्र-छात्राओं ने खुदकुशी की थी. वहीं 2019 में अब तक 6 मामले सामने आ चुके हैं.