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बीकानेर: गंदे पानी की समस्या के कारण लोग पलायन को मजबूर, प्रशासन बेखबर

शहर का गन्दा पानी सुजानदेसर क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. 

बीकानेर: गंदे पानी की समस्या के कारण लोग पलायन को मजबूर, प्रशासन बेखबर
गंदे पानी के कारण लोग घरो पर ताला लगाकर पलायन को मजबूर है.

त्रिभुवन रंगा/बीकानेर: प्रदेश के बीकोनेर के उपनगरीय क्षेत्र में गंदे पानी का साम्रज्य फैलता नजर आ रहा है. चारो तरफ नजर घुमाकर देखे तो सिर्फ और सिर्फ गन्दा पानी नजर आता है. गन्दा पानी इतना फैल गया है कि छोटे-छोटे टापू बन गए है, जिसके चलते क्षेत्रवासियों का जीना दुश्वार हो गया है. हालात इतने गंभीर हो गए है कि मजबूरन लोगों को घरों पर ताला लगाकर पलायन करना पड़ रहा है. यह मामला सुजानदेसर क्षेत्र का है. चांदमल बाग हो या आस पास इलाका यहां बिन बारिश अनगिनत सूरसागर बने है.

दरअसल, जब बीकानेर बसा था उस समय शहर का गन्दा पानी शहर से बाहर सुजानदेसर गाव में निकासी की व्यवस्था की गई थी. मगर धीरे-धीरे बीकानेर शहर जनसंख्या के साथ बढ़ता गया और लोग दूर तक जाके बस गए परन्तु गन्दे पानी की निकासी की व्यवस्था वहीं अटक गयी. जिसके चलते अब शहर का गन्दा पानी सुजानदेसर क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. 

गौरतलब है कि गोपेश्वर बस्ती, खेतेश्वर बस्ती, जनता प्याऊ, गंगाशहर तथा भीनासर आदि सभी क्षेत्रों का गंदा पानी सुजानदेसर में एकत्र हो रहा है. जिससे सुजानदेसर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट, ब्राह्मणों का मोहल्ला, सोमारनाथ धोरा, चांदमल बाग व चूने भट्टे के पास बने गंदे पानी की छोटी छोटी झीले बन गई है. अब ट्रीटमेंट प्लांट की डिग्गियां भर जाने से गंदा पानी गोचर में फैलने लग गया है, जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो रही है. उस जमा पानी मे मच्छर पनपने लग गए है. इन झीलों से खतरा इतना बढ़ गया है कि आसपास के मकान भी उनकी जद में आने लग गए हैं. जिसके चलते पर लोग घरो पर ताला लगाकर पलायन को मजबूर है.

इस गन्दे पानी की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत से लेकर उच्च अधिकारियों तक इस समस्या को लेकर अवगत करवा दिया मगर कोई समाधान नहीं हुआ. गन्दे पानी की समस्या दिनों दिन लगातार घटने की बजाय बढ़ रही है. हालत यह तक है कि बारिश शुरू होते ही हालात इतने खतरनाक हो जाते हैं कि घरों में गंदा पानी घुस जाता है और दीवारें ढहने लग जाती है. लोग रातभर घरो में से पानी बाहर निकालने में जुट जाते है. 

ऐसे में क्षेत्रवासियों को अब केबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से समस्या के समाधान की आस है. हालांकि ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला व जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने इस क्षेत्र का दौरा कर जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया. सरकारी तंत्र स्वच्छता को लेकर चाहे कितने भी दावे क्यो नही करता हो लेकिन इस क्षेत्र के निवासियों के लिए लगता है कि स्वच्छता दूर का सपना बन गई हो अब देखना ये होगा कि प्रदेश में आई नई सरकार क्षेत्रवासियों को कितना राहत दिलाती है.