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Sujangarh, Churu News: सुजानगढ़ शहर इन दिनों एक गंभीर आपदा से जूझ रहा है. बीते रविवार को हुई भारी बारिश को सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन शहर के नाथो तालाब बास, होली धोरा, दुलिया बास और भौजलाई बास जैसे इलाके आज भी पानी में डूबे हुए हैं. सैंकड़ों परिवारों के घरों में बरसाती पानी न सिर्फ कमरों और रसोई तक पहुंच गया है, बल्कि अब बदबू मारने लगा है, जिससे जनजीवन नारकीय हो चुका है.
शहरवासियों की हालत बयां करती है, यह सिर्फ एक बारिश नहीं, बल्कि प्रशासन की अव्यवस्थाओं और नीति विफलताओं की पोल खोल रही है.
अव्यवस्थित आपदा प्रबंधन, असंवेदनशील रवैया
हालात यह हैं कि कई मोहल्लों में दो से तीन फीट तक पानी जमा है. अब तक 40 से अधिक परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो चुके हैं, जबकि कई परिवार चाह कर भी घर नहीं छोड़ पा रहे. पानी में डूबे घरों की दीवारें दरक गई हैं, लेकिन मजबूरी में लोग उनमें रहने को विवश हैं.
प्रशासन के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं. पंप आए तो केबल नहीं मिली, केबल आई तो पाइप नहीं मिला. जल निकासी जैसे जरूरी कार्य में सुस्ती का आलम यह रहा कि सालासर से पंप मंगवाने में एक सप्ताह लग गया.
जनता में चर्चा है कि उपखंड अधिकारी (एसडीएम) का पूरा ध्यान एफसीआई गोदाम से पानी निकालने में लगा है, जहां सड़ा हुआ अनाज पड़ा है-जबकि बाढ़ में फंसे लोगों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा.
स्थानीय प्रशासन पूरी तरह फेल
सुजानगढ़ ही चूरू जिले का एकमात्र शहर है, जो इस समय बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहा है. जिला कलेक्टर की ओर से मॉनिटरिंग की जा रही है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता के चलते लोगों को राहत नहीं मिल पा रही. शहर के लोग अब कलेक्टर से अपील कर रहे हैं कि वे स्वयं सुजानगढ़ आकर हालात की निगरानी करें, जिससे राहत कार्यों में तेजी आ सके.
मानवता कराह रही, बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं
प्रभावित इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि कई घरों में खाना-पीना तक समाप्त हो गया है. बिस्तर और कपड़े भीग चुके हैं. महिलाओं और बुजुर्गों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने अब तक कोई पूछताछ तक नहीं की. यह एक प्रकार से अनकहा लॉकडाउन है, जिसमें लोग अपने ही घरों में बंद हैं-बिना किसी सहायता के.
यह आपदा न केवल मौसम की मार है, बल्कि सुजानगढ़ प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता की एक जीती-जागती मिसाल बन गई है. अब जनता की आखिरी उम्मीद जिला प्रशासन पर टिकी है. क्या प्रशासन उन्हें बरसाती कैद से आजादी दिला पाएगा, या फिर यह इंतजार और लंबा होगा-यह आने वाला समय बताएगा.
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