राजस्थान निकाय चुनाव 2019: कंट्रोल रूम बनाकर मतदान प्रक्रिया पर निगरानी रख रही BJP

भले ही निकाय चुनाव को छोटा चुनाव माना जाए, लेकिन आने वाले बड़े चुनाव के लिए यह महत्वपूर्ण आधार की भूमिका निभाते हैं.

राजस्थान निकाय चुनाव 2019: कंट्रोल रूम बनाकर मतदान प्रक्रिया पर निगरानी रख रही BJP
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: निकाय चुनाव के लिए प्रदेश में आज 49 स्थानीय निकाय क्षेत्र में मतदान जारी है. चुनाव के लिए बीजेपी (BJP) ने अपनी तैयारियों के साथ मैदान में है. पार्टी ने सभी क्षेत्रों में विधायकों के साथ ही वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय कर दिया है. मतदान के दौरान पार्टी ने पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए प्रदेश बीजेपी (BJP) मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है.

निकाय चुनाव में बीजेपी (BJP) ने निर्बाध और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया के लिए प्रदेश बीजेपी (BJP) मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. इस कंट्रोल रूम के जरिए सभी 49 निकाय क्षेत्रों में निर्बाध और शांतिपूर्ण मतदान के लिए नजर रखी जा रही है. साथ ही किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर यहां से कोऑर्डिनेशन भी किया जा रहा है. 

बीजेपी (BJP) के चुनाव कंट्रोल रूम के प्रभारी ओंकार सिंह लखावत ने चुनाव से एक दिन पहले कहा कि पार्टी ने प्रत्येक मतदाता को बूथ तक पहुंचाने के लिए अपनी तैयारी की है. इसके लिए महिला प्रमुख, युवा प्रमुख और अनुसूचित जाति प्रमुख को भी लगाया है, जिससे अलग-अलग जगह वोटर्स को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने का ध्यान रख सके और उनकी मदद कर सकें.

इन-इन लोगों को मिली जिम्मेदारी
बीजेपी (BJP) ने अपने चुनाव कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी ओंकार सिंह लखावत के साथ ही वीरमदेव सिंह, छगन माहूर, राजेंद्र सिंह शेखावत, नाहर सिंह माहेश्वरी और सुमन कुमार को दी है. इस कंट्रोल रूम के लिए पार्टी ने बेसिक फोन की सुविधा देने साथ ही सभी नेताओं को अपने फोन चालू रखने के लिए कहा है. लखावत कहते हैं कि अगर कहीं से भी चुनाव में कोई समस्या आई तो पार्टी इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग और पर्यवेक्षक से बातचीत करेगी और उनके संज्ञान में लाएगी.

लखावत ने कहा कि यह चुनाव छोटे भले हैं लेकिन यह लोकतंत्र की परीक्षा भी है. उन्होंने कहा कि यह कोई सरकार को पलटने का चुनाव नहीं है. लखावत ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा या दबाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और इस चुनाव में भी उन्हें ऐसी ही उम्मीद है कि निष्पक्ष रुप से चुनाव संपन्न हो जाएंगे.

गौरतलब है कि भले ही निकाय चुनाव को छोटा चुनाव माना जाए, लेकिन आने वाले बड़े चुनाव के लिए यह महत्वपूर्ण आधार की भूमिका निभाते हैं. ऐसी सूरत में कोई भी पार्टी ढिलाई कतई नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि कंट्रोल रूम बनाकर बीजेपी (BJP) मुस्तैदी से चुनाव की निगरानी करने के लिए तैयार है.