राजस्थान विधानसभा में कटारिया का बड़ा बयान, कांग्रेस खुद अपनी ही कलह से परेशान

कटारिया ने बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस के जो लोग दिल्ली गए थे. उन्होंने मुझसे या मेरी पार्टी से पूछा था क्या?

राजस्थान विधानसभा में कटारिया का बड़ा बयान, कांग्रेस खुद अपनी ही कलह से परेशान
स्पीकर के निष्पक्ष रवैया पर बीजेपी ने टेबल बजाकर स्वागत किया.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र का आज पहला दिन है. सत्ताधारी सरकार और विपक्ष दोनों तरफ के नेता विधानसभा में मौजूद हैं. विधानसभा में विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

वहीं, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का संबोधन हुआ. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए. आंख बंद करके सच को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हम सदन में केवल 75 सदस्य हैं.

कटारिया ने कहा कि क्या हम सरकार को पलट सकते हैं? कटारिया बोले - कांग्रेस और सरकार खुद की कलह से ही परेशान है. एक पार्टी का अध्यक्ष 6 साल से मेहनत कर रहा था. सभी का सामूहिक प्रयास हो सकता है लेकिन उस एक व्यक्ति ने जिस तरह पार्टी को खड़ा करने की कोशिश की. वह 6 साल तो आपको अच्छा लगता रहा लेकिन फिर अचानक कैसे बिगड़ गया? इसके लिए दोषी कौन है?

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कटारिया के इस बयान पर सत्तापक्ष ने ऐतराज जताया. चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने तल्ख प्रतिक्रिया दी. रघु शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का स्तर ऐसा नहीं होना चाहिए. ब्रिकलाने की दुकानदारी शब्द को कार्यवाही से निकालने की मांग के नेता प्रतिपक्ष के इस बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दखल दिया. सीएम ने कहा कि आप शब्दों और उनके पीछे के भाव को समझ कर बात कीजिए.

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आगे कटारिया ने बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस के जो लोग दिल्ली गए थे. उन्होंने मुझसे या मेरी पार्टी से पूछा था क्या? साथ ही कहा कि वापस आते वक्त भी क्या बीजेपी से पूछकर वह लोग आए थे? अगर आप लोगों में टकराव नहीं होता तो हम बीच में क्यों आते? आप खुद कह रहे हैं कि 18 महीने से उप मुख्यमंत्री से बात ही नहीं हुई. 

कटारिया के भाषण के बीच संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने टोका. सीपी जोशी ने धारीवाल को चुप रहने के लिए कहा. स्पीकर बोले कि आपको बुरा लगता हो तो लग जाए लेकिन मैं विपक्ष को बीच में नहीं बोलने देता तो आपको भी किसी अन्य के भाषण के बीच में नहीं बोलने दूंगा. 

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स्पीकर के निष्पक्ष रवैया पर बीजेपी ने टेबल बजाकर स्वागत किया. कटारिया बोले - पार्टी व्हिप के उल्लंघन पर रात 1 बजे विधायकों के घर नोटिस चस्पा कराना क्या लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी? इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने दखल दिया. स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि जब तक सीपी जोशी आसन पर है.   संवैधानिक मर्यादाओं के ऊपर तरजीह नहीं दी जा सकती. मैं राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का जरिया नहीं बनूंगा. राज के डंडे के आधार पर पुलिस को उसकी ड्यूटी से इतर काम नहीं दिया जा सकता. अगर ऐसा हुआ तो यह भविष्य के लिए अच्छा नहीं हो रहा. 

जिस पार्टी का अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष अभी जमानत पर छूटा हुआ है, वह हम पर आरोप लगा रहे हैं. इस पर शांति धारीवाल ने भी दखल दिया और जिस पार्टी का अध्यक्ष रिश्वत लेते पकड़ा गया हो, वह हम से जवाब मांग रहा है. सदन में वसुंधरा राजे का मूवमेंट चर्चा का विषय बना. सतीश पूनिया के संबोधन के दौरान राजे सदन में नहीं थी लेकिन नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का भाषण शुरू हुआ तो वसुंधरा राजे फिर से सदन के भीतर दिखी.