अविश्वास प्रस्ताव पर BJP ने सत्तापक्ष पर बोला हमला, स्पीकर को बीच में बोलना पड़ गया

सतीश पूनिया के आरोपों पर शांति धारीवाल ने ऐतराज जताया तो विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने शांत करवाया. 

अविश्वास प्रस्ताव पर BJP ने सत्तापक्ष पर बोला हमला, स्पीकर को बीच में बोलना पड़ गया
विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र का आज पहला दिन है. सत्ताधारी सरकार और विपक्ष दोनों तरफ के नेता विधानसभा में मौजूद हैं. विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

सबसे पहले गहलोत सरकार के मंत्री शांति धारीवाल ने अपान विश्वास मत रखा और बीजेपी पर जमकर ओछी राजनीति के आरोप लगाए. इस पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने विरोध जाहिर किया.

पूनिया ने विश्वासमत प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि हो सकता है सरकार यहां सिर गिनवा दे लेकिन राजस्थान की जनता इसे कभी भी स्वीकार नहीं करेगी. सतीश पूनिया के आरोपों पर शांति धारीवाल ने ऐतराज जताया तो विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने शांत करवाया. 

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उन्होंने काह कि कैसे भूल जाएंगे कि देश में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाने की कार्यवाही किसने की थी. कैसे भूल जाएंगे कि आपातकाल के दौरान क्या-क्या नहीं हुआ था? आप दंभ भरते हो जनमत का. राजस्थान का जुगाड़ मशहूर है और जुगाड़ के लिए राजस्थान के जादूगर भी मशहूर हैं. 

अशोक गहलोत पर सतीश पूनिया ने निशाना साधा और कहा कि किस तरीके से विधायकों को कभी बकरा मंडी बताते हो, कभी कुछ और कहते हो लेकिन आप तो पूरे के पूरे हाथी निगल गए.  

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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक सतीश पूनिया ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को अपराध के दल दल में धकेल दिया है. करप्शन के मामलों में प्रदेश में बढ़ोतरी हुई. महिला हिंसा के मामलों में सरकार कमी लाने में नाकाम रही है.

सतीश पूनिया ने भंवर लाल शर्मा अशोक गहलोत की मुलाकात पर कहा-  जिस विधायक को तलाश एसओजी कर रही थी, वो विधायक मुख्यमंत्री के साथ चाय पी रहे थे.

वहीं, प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने विश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की तरफ से प्रस्ताव रखा. राठौड़ बोले कि सत्ताधारी दल एकजुटता के दावे तो कर रहा है लेकिन मैं इनमें एक-दूसरे के प्रति घृणा और तिरस्कार भी देख रहा हूं. 
राठौड़ ने कांग्रेस विधायकों की बाड़ेबंदी पर चुटकी ली और कहा कि आमेर के होटल से जैसलमेर के पांच सितारा होटल तक आप घूम आए. राठौड़ ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आजादी के लिए आपको बधाई देना चाहूंगा. राजेंद्र राठौड़ के वक्तव्य पर सत्ताधारी कैंप की तरफ से टोका-टाकी हुई. इस पर स्पीकर ने सत्ताधारी कैंप को चुप कराया.