Rajsthan: सदन में सीपी जोशी-वासुदेव देवनानी में हई गर्मा-गर्मी, BJP विधायकों ने किया वॉक आउट

Rajasthan Samachar: नाराज स्पीकर ने देवनानी को सदन की कार्यवाही से बाहर निकलने का प्रस्ताव रखवाकर देवनानी को बाहर कर दिया. कार्यवाही से नाराज बीजेपी विधायकों ने भी वॉक आउट कर दिया.

Rajsthan: सदन में सीपी जोशी-वासुदेव देवनानी में हई गर्मा-गर्मी, BJP विधायकों ने किया वॉक आउट
सदन में सीपी जोशी-वासुदेव देवनानी में हई गर्मा-गर्मी. (फाइल फोटो)

Jaipur: विधानसभा में शून्यकाल के दौरान स्पीकर सीपी जोशी और बीजेपी के विधायक वासुदेव देवनानी में गर्मा-गरमी हो गई. पूरा विवाद देवनानी की उनके स्थगन प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं देने से हुआ. स्पीकर की व्यवस्था पर देवनानी ने आपत्ति जताई तो उस समय स्पीकर अपने स्थान पर खड़े हुए थे. देवनानी के बिना अनुमति बोलने से स्पीकर ने बीजेपी विधायक को रोका लेकिन इस पर भी देवनानी ने अपने स्थगन को लेकर बात रखनी चाही.
इससे नाराज स्पीकर ने देवनानी को सदन की कार्यवाही से बाहर निकलने का प्रस्ताव रखवाकर देवनानी को बाहर कर दिया. कार्यवाही से नाराज बीजेपी विधायकों ने भी वॉक आउट कर दिया.

शून्यकाल के दौरान जोशी ने स्थगन प्रस्ताव और नियम-295 के तहत रखे जाने वाले मामले पढ़कर बताए. इसमें वासुदेव देवनानी की तरफ से राष्ट्र भक्त संगठन के कार्यकर्ताओं पर हमले का मुद्दा स्थगन प्रस्ताव के जरिये उठाना चाहा. लेकिन स्पीकर ने देवनानी के मुद्दे को चर्चा लायक नहीं मानते हुए बोलने का मौका नहीं दिया. 

इस पर देवनानी खड़े होकर विरोध करने लगे. इससे स्पीकर उखड़ गए और कहा कि आसन पैरों पर है तो आप इस तरह नहीं बोल सकते. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का नाम लेते हुए कहा कि आप इन्हें बैठाइए. इसी बीच राजेंद्र राठौड़ बोलने लगे तो स्पीकर ने कहा कि आप इतने सीनियर होकर इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि, मैं बोलने नहीं दूंगा. देवनानी और अन्य विधायक चुप नही हुए तो स्पीकर ने संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल को देवनानी के खिलाफ उन्हें बाहर निकालने का प्रस्ताव रखने को कहा. स्पीकर ने साफ कहा कि आप सभी बीजेपी विधायक बाहर जाइए, कोई फर्क नहीं पड़ता.

मामले को लेकर गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सदस्य का मामला गंभीर था, मगर आपने शामिल नहीं किया. इस पर स्पीकर ने कहा आपकी पार्टी के विधायक ही आपके कंट्रोल में नहीं हैं. जोशी ने कहा कि मैं आपको पूरा सम्मान देता हूं, प्रतिपक्ष को पूरा सम्मान देता हूं, मगर इस तरह से सीनियर विधायक बोलेंगे तो अच्छा नहीं है'. देवनानी इतने सीनियर सदस्य हैं, कोई नया होता तो कोई बात नहीं थी. मैं खड़ा हूं, फिर भी आप बोल रहे हैं. सदन की परम्पराओं का पालन करना पड़ेगा.

स्पीकर ने कहा कि चाहे कोई भी सदस्य हो नियमों का पालन तो उसे करना ही पड़ेगा. तल्ख तेवर दिखाते हुए स्पीकर ने कहा कि आसन को कोई भी डिक्टेट नहीं कर सकता.

धारीवाल ने रखा बाहर निकालने का प्रस्ताव
संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने देवनानी को सदन से बाहर निकलने के लिए प्रस्ताव रखा और कहा कि देवनानी ने सदन की परंपरा का पालन नहीं किया, इसलिए मैं इन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर करने का प्रस्ताव रखता हूं. धारीवाल ने यह भी प्रस्ताव रखा कि जब तक देवनानी इस बारे में सदन से माफी नहीं मांग लेते तब तक उन्हें कार्यवाही में शामिल नहीं होने दिया जाए.

उन्होंने कहा कि कटारिया जी आपने कोई खेद प्रकट नहीं किया. आपने एक शब्द भी नहीं कहा कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है. उलटे आपने कहा कि आप ऐसा करेंगे तो सभी वॉक आउट करेंगे. स्पीकर ने कहा कि मैं आपसे आशा कर रहा था कि आप यह कहेंगे कि खेदपूर्ण व्यवहार है. स्पीकर ने देवनानी को सदन से बाहर भेजने के प्रस्ताव को पास कराया. इस पर सभी बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया.