भाजपा से लोकतंत्र और संविधान को खतरा, देश में अघोषित आपातकाल: सिंघवी

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा एवं निष्पक्षता सर्वोच्च है.

भाजपा से लोकतंत्र और संविधान को खतरा, देश में अघोषित आपातकाल: सिंघवी
सिंघवी ने आरोप लगाया कि भाजपा देश को विपक्ष मुक्त करना चाहती है.

जयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार पर डर का माहौल पैदा करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि सरकार देश में अघोषित आपातकाल लागू कर रही है. सिंघवी ने यहां एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार हर चीज पर नियंत्रण करना चाहती है और सरकार द्वारा बनाये गये माहौल को इससे पूर्व पहले कभी नहीं देखा गया. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित लोकतंत्र, संविधान, देश बचाने के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सिंघवी ने कहा कि संविधान का स्तंभ भी खतरे में है.

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा एवं निष्पक्षता सर्वोच्च है, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने इसे चौराहे पर ला दिया है. उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों को प्रेस वार्ता कर अपनी पीड़ा व्यक्त करनी पड़ी. उन्होंने संविधान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश को घातक बताते हुए वकीलों से आह्वान किया कि वे सजग भूमिका निभायें. उन्होंने कश्मीर की स्थिति पर कहा कि कश्मीर में शांति प्रक्रिया को भाजपा आगे बढाने में विफल रही और घाटी में पिछले चार वर्षो के दौरान स्थिति खराब हुई है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पूर्व महासचिव एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस की विरासत को नई पीढ़ी समझे. यह गाँधी और नेहरू का रास्ता है, जिस पर अडिग रहकर देश मजबूत बनाना है, लेकिन भाजपा की विरासत कमजोर है और मोदी सरकार में देश में किसानों, युवाओं और दलितों पर अत्याचार बढ़े है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट कहा कि आज सत्ता में ऐसे लोग बैठे है जिनके राज में लोकतंत्र एवं संविधान दोनों खतरे में है. इतिहास में पहली बार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा सरकार के खि़लाफ़ जो कदम उठाया गया था वह इस बात का संकेत है कि सत्ताधारी भाजपा न तो लोकतंत्र में विश्वास रखती है और न ही भारतीय संविधान का सम्मान करती है.

मोहन प्रकाश ने कहा कि आश्चर्य है कि जिस लोकतंत्र एवं भारतीय संविधान की मिसाल पूरे विश्व में दी जाती है, उसकी अपने ही देश में आज स्थिति यह हो गयी है कि स्वयं भारतीय नागरिकों को लगने लगा है कि लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और हारने वालों की भी विपक्ष के रूप में अहम भूमिका होती है लेकिन आज एक ऐसी पार्टी सत्ता में आकर बैठ गयी है, जो खुले आम भारत को विपक्ष मुक्त करने का दावा करती है.

मोहन प्रकाश ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज करते हुए कहा कि जनता भाजपा का असली चेहरा पहचान चुकी है और आगामी विधानसभा चुनाव में इस जनविरोधी भाजपा सरकार को वह उखाड़ फेंकेगी.