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राजस्थान: बेरोजगारी भत्ते पर विधानसभा में घिरी कांग्रेस, भाजपा ने किया वॉक आउट

मंत्री अशोक चांदना के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट भी किया.

राजस्थान: बेरोजगारी भत्ते पर विधानसभा में घिरी कांग्रेस, भाजपा ने किया वॉक आउट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की. बड़ी संख्या में पंजीकरण के बावजूद चंद लोगों को बेरोजगारी भत्ता देने के मसले पर विपक्ष मजबूती से खड़ा नजर आया. मंत्री अशोक चांदना के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट भी किया. विधायक कालीचरण सराफा ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़ा सवाला प्रश्नकाल में उठाया था. जवाब में मंत्री ने कहा कि हमने नए 29 हजार बेरोजगारों को योजना का लाभ देना शुरू किया हैं. 

10 लाख युवाओं में से 40 हजार को लाभ
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता से जुड़ा सवाल उठाया. सवाल के जवाब में मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि सरकार बेरोजगारी भत्ता दे रही हैं. वर्तमान में 40,118 लोगों को  बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा हैं. 29,019 नए पंजीकरण कांग्रेस सरकार में हुए हैं. 14 करोड़ रुपये का भुगतान पूर्व की योजना के तहत किया गया. 69.42 करोड़ रुपये 1 मार्च से जून के बीच में बेराजगारी भत्ते के तौर पर दिए गए. 

 

इस पर विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि मंत्री स्पष्ट जानकारी प्रदान करें कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत कितना भत्ता दिया गया. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी इस सवाल को आगे बढ़ाते हुए कहा कि 10,73,252 लोग रोजगार कार्यालय में रजिस्टर हैं ओर कांग्रेस सरकार में केवल 40 हजार लोगों को ही लाभ क्यों मिला हैं. 

वहीं, उनके विधानसभा क्षेत्र में भी बेहद सीमित संख्या में लोगों को लाभ मिलने बात सदन में कही. इस पर मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि यह भाजपा सरकार की खामी हैं. उनके समय में तो बेरोजगारों के पंजीकरण के मुकाबले में भत्ते की संख्या कम क्यों रही. कांग्रेस ने सत्ता में आते ही 29 हजार लोगों को बेरोजगारी भत्ते से जोड़ा हैं. आने वाले दिनों में अन्य पात्र व्यक्तियों को भी योजना का लाभ दिलवाने की बात कही. 

मंत्री के जवाब से किया किनारा
मंत्री के जवाब से भाजपा सदस्य असंतुष्ट नजर आए ओर सदन का वॉकआउट कर अपनी नाराजगी जाहिर की.  मंत्री अशोक चांदना ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि अक्षत योजना के तहत राज्य में पात्र स्नातक बेरोजगारों में दिसम्बर 2018 तक कुल 1 लाख 53 हजार 657 आशार्थियों को 122.43 करोड़ रुपये की राशि बेरोजगार भत्ते के रूप में वितरित की गई है. विधायक इन्द्रा के मूल प्रश्न के जवाब में बताया कि प्रदेश में 1 जुलाई, 2012 से राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना, 2012 के तहत आवेदन करने वाले निर्धारित पात्रता एवं शर्ते पूरी करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रीधारी बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा था. 

वर्तमान में अक्षत योजना के स्थान पर 1 फरवरी, 2019 से मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना लागू की गई है जिसके तहत पात्र स्नातक महिला तथा विशेष योग्यजन पंजीकृत बेरोजगार आशार्थी को 3500 रूपये प्रतिमाह एवं स्नातक पुरूष आशार्थी को 3000 रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है . अक्षत योजना के तहत पात्र स्नातक बेरोजगार पुरूष आशार्थी को 650 रुपये एवं महिला व विशेष योग्यजन आशार्थियों को 750 रुपये की दर से बेरोजगारी भत्ते का भुगतान किया जा रहा था . योजना के तहत जनवरी, 2014 से दिसम्बर, 2018 तक कुल 153657 आशार्थियों को 122.43 करोड रुपये की राशि भत्ता के रूप में वितरित की गई है. 

जनवरी, 2019 से मई 2019 तक कुल 40118 आशार्थियों को 58.27 करोड़ रुपये की राशि भत्ते के रूप में वितरित की गई है . उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2014 से 31 मार्च 2014 तक 8433 लाभान्वितों को 6.05 करोड़, 1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015 तक 31738 लाभान्वितों को 28.79 करोड़, 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 तक 27341 लाभान्वितों को 22.33 करोड़, 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 14648 लाभान्वितों को 18.69 करोड़, 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक 46701 लाभान्वितों को 24.10 करोड़, 1 अप्रैल 2018 से 31 दिसम्बर 2018 तक 24796 लाभान्वितों को 22.47 करोड़ एवं 1 जनवरी 2019 से 31 मई 2019 तक 40118 लाभान्वितों को 58.27 करोड़ रुपये वितरित किये गए है. 

रोजगार विभाग सहायक भूमिका में 
रोजगार विभाग रोजगार का सृजन नहीं करता बल्कि  बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करता है. कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अधीन शिक्षित बेराजगारों को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा प्रदत्त कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से, आई टी आई में उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर, आर्मी भर्ती रैली एवं रोजगार सहायता शिविरों के माध्यम से युवाओं को रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. राज्य में पात्र बेरोजगार आशार्थियों के ऑन लाईन आवेदन लिए जा रहे हैं तथा 16 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में 29 हजार 19 नये बेरोजगारों को पंजीकृत किया जा चुका है.