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राजस्थान विधानसभा में बीजेपी के हमलों से निपटने के लिए तैयार गहलोत सरकार

दरअसल 27 जून से शुरू होने वाले विधानसभा के दूसरे सत्र में भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए खास रणनीति तैयार की है

राजस्थान विधानसभा में बीजेपी के हमलों से निपटने के लिए तैयार गहलोत सरकार
सड़क से लेकर सदन तक भाजपा इस मुद्दे को लेकर हमलावर रहेगी.

जयपुर: राजस्थान में विधानसभा का दूसरा सत्र 27 जून से शुरू हो रहा है. एक और जहां भाजपा ने कानून व्यवस्था पेयजल संकट सहित कई मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है. वहीं गहलोत सरकार ने भी अपने अनुभवी और युवा मंत्रियों के सहारे भाजपा की हर हमले का जवाब देने की योजना बनाई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने अनुभवी और युवा मंत्रियों को विधानसभा सत्र के लिए अहम जिम्मेदारियां सौंपी है. 

दरअसल 27 जून से शुरू होने वाले विधानसभा के दूसरे सत्र में भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए खास रणनीति तैयार की है. वहीं जवाब में कांग्रेस सरकार भी भाजपा के हमलों का जवाब देने के लिए विशेष योजना पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सदन में भाजपा के हमलों का जवाब देने के लिए मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और युवा मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. 

भाजपा की तरफ से जो रणनीति तैयार की है उसमें सबसे बड़ा हमला कानून-व्यवस्था और बढ़ते दुष्कर्म के मामलों को लेकर होगा. सड़क से लेकर सदन तक भाजपा इस मुद्दे को लेकर हमलावर रहेगी. क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास गृह विभाग की भी जिम्मेदारी है लिहाजा उन्हें टारगेट करने की कोशिश की जाएगी. ऐसे में गृह विभाग से जुड़े मसलों का जवाब देने के लिए अशोक गहलोत सरकार के सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. 

इसके अलावा वित्त आबकारी आयोजना नीति आयोजना राजस्थान राज्य अन्वेषण ब्यूरो और मुख्यमंत्री सहायता कोष से संबंधित सवालों के संपादन की जिम्मेदारी भी शांति धारीवाल को दी गई है. कमलेश था के अलावा भाजपा जिस बड़े मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी वह पेयजल का मामला है. भाजपा जयपुर में पेयजल संकट को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर चुकी है और विधानसभा में भी निश्चित तौर पर इसकी गूंज सुनाई देगी. 

गहलोत सरकार के दूसरे सबसे भरोसेमंद मंत्री बीड़ी कल्ला के पास ए विभाग है और उनके पास इन हमलों का जवाब देने की पूरी जिम्मेदारी रहेगी. इसके अलावा बीडी कल्ला को मुख्यमंत्री के विभागों में कार्मिक विभाग सामान्य प्रशासन विभाग सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग और जल संसाधन विभाग सवालों के भी संपादन की जिम्मेदारी होगी. 

विधानसभा की दूसरे सत्र में भाजपा चाहेगी किन प्रमुख मुद्दों के अलावा कांग्रेस के वादों नाकामियों और घोषणा पत्र को लेकर भी सरकार पर हमलावर हो. भाजपा की तरफ से गुलाब चंद कटारिया राजेंद्र राठौड़ अशोक लाहोटी जैसे नेता हमलों की पूरी रणनीति तैयार कर रहे हैं तो कांग्रेस नहीं भी अपने युवा और आक्रामक मंत्रियों को जवाबी कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंप दी है. कांग्रेस सरकार में भाजपा को सदन में निरुत्तर करने और उनके हमलों पर जवाबी हमले करने की जिम्मेदारी चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास जैसे नेताओं के पास रहेगी. 

कुल मिलाकर विधानसभा का यह दूसरा सत्र सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. गहलोत सरकार पर सदन का कामकाज व्यवस्थित तौर पर चले और कई महत्वपूर्ण बिल पास हो इसकी कोशिश के साथ-साथ भाजपा को निरुत्तर करना भी बड़ी चुनौती रहेगी.लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 25 सीटें हार चुकी है लिहाजा भाजपा का मनोबल ऊंचा है इस ऊंचे मनोबल के साथ भाजपा चाहेगी कि सदन में सरकार को पूरी तरह से घेरने की हरसंभव कोशिश की जाए. देखना होगा की गहलोत सरकार अपने इन मंत्रियों के भरोसे भाजपा के हमलों का कैसे जवाब देती है.