काला हिरण शिकार केस, जानें कोर्ट की अंतिम बहस में क्या-क्या हुआ

आरोप है कि 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' कि शूटिंग के दौरान जोधपुर के नजदीक कांकाणी गांव में सलमान ने दो काले हिरण का शिकार किया था.

काला हिरण शिकार केस, जानें कोर्ट की अंतिम बहस में क्या-क्या हुआ
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान. (फाइल फोटो)

जोधपुर/राजीव गौड़/राकेश भारद्वाज: राजस्थान के बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले में मुख्य आरोपी फिल्म अभिनेता सलमान खान को लेकर फैसला गुरुवार 5 अप्रैल को सुनाया जाने वाला है. इस मामले में सीजेएम ग्रामीण देवकुमार खत्री ने 4 फरवरी को अंतिम बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. आरोप है कि 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' कि शूटिंग के दौरान जोधपुर के नजदीक कांकाणी गांव में सलमान ने दो काले हिरण का शिकार किया था.

शिकार के समय जीप में सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी सवार थे. इन सब पर सलमान को शिकार के लिए उकसाने का आरोप है. सलमान पर तीन जगह हिरण का शिकार करने का आरोप लगा, जबकि एक केस शिकार के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ. इनमें से तीन मामले में सलमान बरी हो चुके हैं, जबकि शिकार का एक केस अब भी चल रहा है.

यहां पढ़ें काले हिरण शिकार केस की अंतिम बहस की रिपोर्ट.

04 फरवरी 2018
सलमान खान जोधपुर पहुंचे और 33 मिनट तक अंतिम बहस सुनी.

15 जनवरी 2018
* बचाव पक्ष ने बहस में कहा कि ललित बोड़ा ने एफएसएल रिपोर्ट में हाथ से संशोधन किया. बोड़ा ने रिपोर्ट में फायर आर्म्स की रेंज 100 मीटर से 500 मीटर ओवर राइटिंग से की.
* घटना सुबह तीन बजे होने का दावा किया जा रहा है, जबकि आई विटनेस पूनमचंद घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर रहता है.
* अभियोजन ने बहस में दावा किया कि पोस्टमार्टम के बाद कारकस को दफना दिया था, लेकिन वन विभाग ने कारकस मालखाना में जमा करना बताया.
* वन विभाग ने वीडियोग्राफी को व्यक्तिगत अधिकार में रखी और सील नहीं की गई, ऐसे में भरोसा नहीं कर सकते.
* घटना के छह दिन बाद कोर्ट में एफआईआर भिजवाई गई.
* सलमान खान ने 4 अक्टूबर को उम्मेद उद्यान में शूटिंग की थी.

10 जनवरी 2018
* होटल उम्मेद भवन पैलेस का रूम नंबर 508 की तलाशी 10 अक्टूबर को श्रवण कुमार ने ली, लेकिन कुछ नहीं मिला.
* 12 अक्टूबर को फिर रूम की तलाशी तो एयरगन और पेलेट्स (काले हिरण की खाल) मिली.
* काले हिरण की खाल को जांच अधिकारी ललित बोड़ा ने एफएसएल जांच के लिए नहीं भेजा.
* ललित बोड़ा ने सलमान खान का चार दिन का रिमांड लिया था, लेकिन कानूनी प्रकिया का पालन नहीं किया.
* बचाव पक्ष ने कहा कि बोड़ा ने कोर्ट में दिए बयान में स्वीकार किया कि वे कानूनी प्रकिया को लेकर जागरुक नहीं थे क्योंकि ये इस तरह का उनका पहला केस था.

08 जनवरी 2018
* अभियोजन ने सलमान के जिप्सी ड्राइवर को बतौर गवाह पेश नहीं किया.
* अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि सलमान खान ने फायर आर्म्स का शिकार में इस्तेमाल किया, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने दूसरे केस में पाया कि उन हथियार का इस्तेमाल जोधपुर में घटना वाले दिन इस्तेमाल नहीं हुआ.

05 जनवरी 2018
* सलमान के वकील हस्तीमल ने वन विभाग के कर्मचारी हीरा लाल मीणाए मान सिंह और हेमेंद्र कुमार त्रिवेदी और भंवर लाल के बयान को विरोधाभासी बताया.
* हीरा लाला मीणा ने डॉ नेपालिया के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में कहा कि भंवरलाल ने उसे शिकार के बारे में बताया, जबकि वन विभाग ने दर्ज किए केस में पूनमचंद औऱ छोगालाल को आई विटनेस बताया.
* आरोप लगाया कि सलमान खान को सेलिब्रेटी स्टेटस की वजह से फंसाया.

13 दिसंबर 2017
सलमान के वकील ने कहा.
* एफएसएल नहीं किया गया.
* दूसरी बार पोस्टमार्टम जल्दबाजी में कराया गया.
* पहला पोस्टमार्टम डॉ नेपालिया ने किया, जिसमें काले हिरण की मौत की दो वजह सामने आईं... पहली ज्यादा खाने से और दूसरी खड्डे में गिरने से.

05 दिसंबर 2017
* दूसरी बार पोस्टमार्टम जल्दबाजी में 11 अक्टूबर 2008 को किया गया. वन विभाग अधिकारी मानसिंह के अनुरोध पर एक ही दिन में वेटेनरी डॉक्टर ग्यान प्रकाश ने रिपोर्ट दी.
* जिप्सी की तलाश 07 अक्टूबर को की और उम्मेद भवन होटल में सलमान के कमरा नंबर 508 की तलाशी 10 अक्टूबर को की गई और कुछ नहीं मिला.
* लेकिन 12 अक्टूबर को जिप्सी की फिर तलाशी में काले हिरण के बाल और गन पैलेट मिले. सलमान के कमरे से फायर आर्म एक राइफल और एक पिस्तौल बरामद की.

06 नवंबर 2017
बचाव पक्ष का तर्क. वन विभाग के सभी गवाह एक ही जाति के हैं.

28 अक्टूबर 2017
* सलमान की ओर से अंतिम बहस शुरू.
* बचाव पक्ष ने बहस में कहा कि एक स्थानीय समाचार पत्र में 06 अक्टूबर 2008 को समाचार प्रकाशित हुआ. इस हैडलाइन से कि सलमान ने शिकार किया. उसके बाद सलमान के खिलाफ काले हिरण के शिकार का केस दर्ज हुआ.
* आई विटनेस पूनम चंद औऱ छोगालाल घटना स्थल से 2 से 3 किलोमीटर दूर रहते हैं.

10 अक्टूबर 2017
अभियोजन पक्ष ने बहस में कहा कि एफएसएल रिपोर्ट में साबित होता है कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई; राजस्थान एफएसएल के पास डीएनए जांच की सुविधा नहीं थी, इसलिए सैंपल जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए थे.

13 सितंबर 2017
अभियोजन पक्ष ने कहा कि पूनम चंद ने सलमान को शिकार करते देखा.

अब क्या होना है
05 अप्रैल को कांकणी गांव में हिरण शिकार मामले में फैसला आना है, पिछले हफ्ते सीजीएम कोर्ट; जोधपुर ग्रामीणद्ध में मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था, साथी ही सभी आरोपियों को मौजूद रहने को कहा है.

क्या हो सकता है
वाइल्ड लाइफ एक्ट की धारा 149 के तहत काला हिरण का शिकार करने पर सात साल के अधिकतम कारावास की सजा का प्रावधान है. कुछ साल पहले तक ये सजा छह साल थी. अदालत इस मामले में कम सजा भी सुना सकती है. सलमान का प्रकरण बीस वर्ष पुराना है. ऐसे में अधिकतम छह वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान ही लागू होगा, सह आरोपियों पर भी यही कानून लागू होगा.