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जीवाणा के इस बीपीएल परिवार पर बरपा भगवान का कहर, जानें पूरा मामला

जीवाणा कस्बे के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे एक परिवार के युवा मुखिया ओबाराम देवासी का करीब एक साल पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी.

जीवाणा के इस बीपीएल परिवार पर बरपा भगवान का कहर, जानें पूरा मामला
ओबाराम देवासी के तीन छोटे छोटे लड़के और एक लड़की है.

बबलू मीना/जालोर: एक कहावत है कि भगवान के आगे सब छोटा है. भगवान भी जब कहर बरपाना शुरू करता है तब इंसान पर दुखों का पहाड़ गिर जाता है. इसी ही कहावत को चरितार्थ कर जीवाणा गांव के एक बीपीएल परिवार पर भगवान ने कहर बरपा दिया. होनी को कोई टाल नहीं सकता लेकिन ऐसे कहर में इंसान को आगे आकर एस परिवार का साथ देना चाहिए ताकि उनकी जिंदगी भी आम इंसान की तरह निकल सके. 

दरअसल, जीवाणा कस्बे के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे एक परिवार के युवा मुखिया ओबाराम देवासी का करीब एक साल पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी. जिसके बाद परिवार में कमाने एवं चार बालकों को पालने का सारा भार उनकी बेवा पत्नी पंखु देवी पर आ गया. पंखु देवी जैसे तैसे नरेगा की मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही थी की भगवान ने परिवार को एक और गहरा आघात पहुंचाते हुए कुछ दिनों पूर्व उनकी पत्नी खेत में काम करते समय मर गई.  

अब इस परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा. ओबाराम देवासी के तीन छोटे छोटे लड़के और एक लड़की जो सरकारी स्कूल में पढ़ रहे है. फिलहाल ये चारों बच्चे अपनी 70 साल की दादी के आसरे जी रहे है दादी भी उम्रदराज होने के चलते कोई काम काज नहीं कर पाती है, ऐसे में परिवार में कमाने एवं बालको को पालने वाला कोई नहीं बचा. वैसे तो सरकार सैंकड़ों योजनाएं चलाकर ऐसे परिवारों के उत्थान के प्रयास करती हैं लेकिन इस परिवार को वो मदद भी अभी तक नहीं मिल पाई दै. 

जीवाणा के इस परिवार की व्यथा ही कुछ ऐसी है कि इस परिवार जिम्मेदार अधिकारियों को ऐसे बीपीएल परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, पालनहार योजना सहित ऐसी कई प्रकार की सरकारी योजना से जोड़ने का प्रयास कर लाभान्वित किया जाना चाहिए, ताकि ऐसे परिवार भी नारकीय जीवन से बाहर आ सके. लेकिन हालात ये है कि अधिकारी एसी कक्ष से बाहर नहीं आना चाहते.