जयपुर: सर्दी ने दिखाए तेवर, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और शुगर के मरीज रहें ज्यादा सतर्क

डॉक्टर्स की मानें तो उनका कहना है कि दर्जनभर वायरस और बैक्टीरिया सांस की नलियों में संक्रमण बना देते हैं. खासकर बच्चों में वायरल ब्रोंकाइटिस ज्यादा है. 

जयपुर: सर्दी ने दिखाए तेवर, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और शुगर के मरीज रहें ज्यादा सतर्क
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. यही वजह है कि वायरल बुखार के मरीजों को ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) भी चपेट में ले रही है. शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, के साथ साथ अब निमोनिया, ब्रोंकाइटिस सहित सांस संबधी मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है. 

ऐसे में शहर के जेके लोन अस्पताल (JK Lon Hospital) की बात की जाए तो यहां पर मरीजों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है. डॉक्टर्स की मानें तो उनका कहना है कि दर्जनभर वायरस और बैक्टीरिया सांस की नलियों में संक्रमण बना देते हैं. खासकर बच्चों में वायरल ब्रोंकाइटिस ज्यादा है. स्वस्थ व्यक्ति को भी वायरल ब्रोंकाइटिस हो रही है. मरीज सर्दी, जुकाम और खांसी के लक्षणों के साथ ओपीडी में पहुंचते हैं. 

ठंडक में संक्रमित होने वाला एन्फ्लुएंजा वायरस कई मरीजों को चपेट में ले चुका है. हीमोफीलस इन्फ्लुएंजी बैक्टीरिया भी इससे मिलते जुलते लक्षणों के साथ उभरता है. अस्थमा, सीओपीडी और शुगर के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. प्रतिरोधक क्षमता गिरने से निमोनिया का रिस्क है. कई मरीजों में बैक्टीरियल ब्रोंकाइटिस भी मिली. सीओपीडी के मरीजों के फेफड़ों में ऐसे बैक्टीरिया जगह बना लेते हैं, जो खांसने पर अन्य में फैलकर नए मरीज बनाता है. दर्जनभर वायरस बुखार के साथ सर्दी, जुकाम और खांसी बना रहे हैं. 

सुबह और शाम को बरतें एहतियात
सुबह और शाम को मौसम में ठंडक़ बढ़ रही है. ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि अल-सुबह वॉक करने से बचना चाहिए. जब सूरज निकले और तापमान बढऩे लगे तभी वॉक पर जाना चाहिए क्योंकि ठंड़ी हवा सांसों के साथ शरीर में प्रवेश कर जाती है, जिससे अस्थमा, सीओपीडी और हार्ट के मरीजों के लिए खासी परेशानी हो सकती है. ऐसे में अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को मुंह पर मास्क लगाना चाहिए.

मौसम में बदलाव के कारण ओपीडी में वायरल बुखार के साथ-साथ ब्रोंनकाईटिस और निमोनिया के 30 फीसदी केस में बढ़ोत्तरी हुई है. यहां 6 माह से 2 साल के बच्चों के ब्रोंकाइटिस के केस आ रहे हैं. फेफड़ों का इंफेक्शन होने के कारण इसे ठीक होने में भी काफी समय लगता है. 

क्या कहना है डॉक्टर्स का
ठंड में अस्थमा, सीओपीडी, हार्ट सहित सांस संबंधी मरीजों को ठंड में विशेष ध्यान रखे तथा वॉक पर जाते समय मास्क पहनें. सुबह सूरज निकलने के बाद तापमान बढ़ने पर वॉक पर जाएं.