रायसिंहनगर: 1947 में बिछड़े थे भाई-बहन, 73 साल बाद सोशल मीडिया के जरिए हुआ मिलन

 दोनों बिछड़े भाई-बहनों की सोशल मीडिया के जरिए बातचीत भी करवाई गई. 73 साल बाद हुए मिलन के बाद भाई-बहन की आंखों में आंसू निकल गए. 

रायसिंहनगर: 1947 में बिछड़े थे भाई-बहन, 73 साल बाद सोशल मीडिया के जरिए हुआ मिलन
सोशल मीडिया के द्वारा की गई बातचीत में दोनों द्वारा अपनी बचपन की यादों को ताजा किया.

रायसिंहनगर: सन 1947 के कश्मीर पर कबाइली हमले में बिछड़े भाई-बहन का एक बार फिर से मिलन हो गया है. सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर यह मिलन होना संभव हुआ है. 

कुछ दिन पहले रायसिंहनगर निवासी भाई रणजीत सिंह का सरहद पार पाकिस्तान में सोशल मीडिया के जरिए बहन से मिलन होने का समाचार लगातार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित हुआ था. इसके बाद एक परिवार ने स्थानीय एडवोकेट हरपाल सिंह सुद के पास बिछड़े लोगों की खोज करने के लिए फोन आया. 

इसमें फोन दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त उप निरीक्षक सहरजीत सिंह का रहा, जिन्होंने अपनी माता महेंद्र कौर की अपने तीन भाइयों और बहन जसवंत कौर से बिछड़ने की बात बताई और पटियाला (पंजाब) से अपनी माता का वीडियो बनाकर वकील सुदन को भेजा. वकील सुदन द्वारा ये वीडियो पीओके मुजफ्फराबाद के वाट्सअप ग्रुप पर भेजे जाने पर वकील सुदन के रिश्तेदार इमरान ने अपने 15-20 रोज के अथक प्रयासों से छोटे भाई अर्जुन सिंह को रावलपिंडी (पाकिस्तान) से ढ़ूंढ निकाला. 

अर्जुन सिंह ने बताया कि उसके दोनों बड़े भाई की सन 1947 में ही मौत हो गई तथा उसकी बहन के साथ किसी शेख ने निकाह कर लिया था. दोनों बिछड़े भाई-बहनों की सोशल मीडिया के जरिए बातचीत भी करवाई गई. 73 साल बाद हुए मिलन के बाद भाई-बहन की आंखों में आंसू निकल गए. 

सोशल मीडिया के द्वारा की गई बातचीत में दोनों द्वारा अपनी बचपन की यादों को ताजा किया. 73 साल पहले जब दोनो का बिछड़ना हुआ, उस समय बहन की उम्र 7-8 साल और भाई की 4-5 साल थी.