राजस्थान में बाल तस्करी रोकने में बस ड्राइवर-कंडक्टर करेंगे मदद, जानिए कैसे...

आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने परिवहन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि, वो सभी बस संचालकों, ड्राइवर-कंडक्टरों को निर्देश दें कि, तस्करी कर लाया गया बच्चा, उनकी बस में सफर नहीं करें.

राजस्थान में बाल तस्करी रोकने में बस ड्राइवर-कंडक्टर करेंगे मदद, जानिए कैसे...
आयोग ने ड्राइवर और कंडक्टरों की मदद लेने के लिए, परिवहन आयुक्त को पत्र लिखा है.
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विष्णु शर्मा/जयपुर: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (Child Rights Protection Commission) ने बाल तस्करी रोकने के लिए, एक और प्रयास शुरू किया है. इसके तहत, आयोग ने बाल तस्करी रोकने में निजी बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों की मदद लेने के लिए, परिवहन आयुक्त को पत्र लिखा है.

आयोग ने परिवहन आयुक्त से 7 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने परिवहन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि, कोरोना (Corona) लॉकडाउन (Lockdown) के बाद अब अनलॉक (Unlock) होने से अधिकांश कारखाने शुरू हो रहे हैं.

ऐसे में श्रमिक अपने घरों से पुन: अपने नियोजन स्थान पर लौट रहे हैं. इस दौरान बालकों के पलायन, तस्करी और नियोक्ता को बाल श्रमिक रखने से रोकने की जरूरत है. इसके लिए, सम्बंधित विभागों के साथ, मिलकर कार्रवाई करना जरूरी है.

आयोग का मानना है कि, प्रदेश में बच्चों की तस्करी कई जिलों के साथ, मुख्य रूप से बिहार से हो रही है. तस्करी कर बच्चे बस या रेल से लाए जा रहे हैं. इस सम्बंध में निजी बस चालक-परिचालक बाल तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

बच्चा देखेते ही ड्राइवर-कंडक्टर तुरंत सूचना दें
आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने परिवहन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि, वो सभी बस संचालकों, ड्राइवर-कंडक्टरों को निर्देश दें कि, तस्करी कर लाया गया बच्चा, उनकी बस में सफर नहीं करें.  बस में यदि किसी बच्चे पर तस्करी कर लाए जाने का संदेह हो तो, तुरंत इसकी सूचना पुलिस या चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर दें.

सभी बस चालक-परिचालकों से आदेश दें कि, वो इस अपराध का हिस्सा नहीं बने, अन्यथा वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उनके खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 370 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करें. आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने परिवहन आयुक्त इस मामले में की गई कार्रवाई से सात दिन में अवगत कराने के लिए कहा है.

पड़ोसी राज्यों से भी की गई बात
इधर, आयोग ने पिछले पखवाड़े सभी पड़ोसी राज्यों के बाल संरक्षण आयोग तथा मानव तस्करी विरोधी ईकाई के साथ वेबीनार किया. इसमें राज्यों के बीच बाल श्रम रोकने पर चर्चा की गई.