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बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहा राजस्थान का यह गांव, पलायन को मजबूर लोग

ग्राम पंचायत जटगांवडा के अंतर्गत इंदिरा आवास योजना में बसी बस्ती सभी सरकारी योजनाओ बिजली, पानी, सड़क आदि से वंचित है

बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहा राजस्थान का यह गांव, पलायन को मजबूर लोग
बस्ती में सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही पानी आता है

बहरोड़: उपखण्ड क्षेत्र जटगांवड़ा गांव में इंदिरा आवासीय बस्ती की महिलओं ने सरकारी जन सुविधाओं के अभाव को लेकर गांव के अटल सेवा केंद्र पर विरोध प्रदर्शन कर किया. ग्रामीण महिलाओं ने बताया इंदिरा आवासीय बस्ती में इन दिनों काफी समय से पेयजल संकट, बिजली सहित कई समस्याएं बनी हुई है.

बता दें कि ग्राम पंचायत जटगांवडा के अंतर्गत इंदिरा आवास योजना में बसी बस्ती सभी सरकारी योजनाओ बिजली, पानी, सड़क आदि से वंचित है. दस साल पहले सरकारी सहायता से एक ट्यूबवेल तो बन गया था लेकिन उसके लिए बिजली कनेक्शन नहीं किया गया. जिसके कारण उस ट्यूबवेल से भी इंदिरा आवास के लोगों की पानी की समस्या दूर नहीं हो पाई.

बस्ती वासी बाबूलाल बावरिया ने बताया की शुरूआत में 84 प्लॉट इंदिरा आवास में कटे थे. जिनमे लगभग आधे परिवार यहां रहने लगे थे. लेकिन अब सुविधाओं के अभाव में लोग यहां से वापस गांव में पलायन कर रहे हैं. गौरतलब है कि इंदिरा आवासीय बस्ती हरियाणा के कुंजपुरा और बाछोद को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर राजकीय माध्यमिक विद्यालय जटगांवडा के पीछे लगभग 200 मीटर कच्चे रास्ते पर बसाई गयी है. 

योजना के मुताबिक इस बस्ती में सैंकड़ो गरीब परिवारों को आकर बसना था. परिवार आए भी लेकिन सुविधाओं के आभाव में अब यहां बावरिया, कुम्हार व् हरिजन आदि जाति के दस बारह परिवार ही शेष बचे हैं. यहां रह रहे लोगों की मानें तो उन्होंने प्रशासन को कई बार पीनी की किल्लत, बिजली की समस्याओं और कच्चे मार्ग को पक्का करवाने के लिए आवेदन किया. लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. 

बस्ती के लोगों की मानें तो यहां पानी की समस्या इतनी बड़ी है कि बस्ती में सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही पानी आता है. जिसकी वजह से यहां के लोग सभी घरों के कनेक्शन बन्द करके एक ट्यूबवेल को चलाकर पानी की टंकी भरते है. जिससे यहां के लोग दो तीन दिन तक अपना काम चलाते हैं. लेकिन यहां के लोगों की इन समस्याओं का समाधन करने को कोई तैयार नहीं है.