जयपुर: स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग, अभ्यर्थियों ने दी अनशन की चेतावनी

स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर दिन-रात सैंकड़ों की संख्या में बेरोजगार धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन तीन दिनों तक भी बेरोजगारों की मांगों पर ध्यान नहीं देने के चलते अब बेरोजगारों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है.

जयपुर: स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग, अभ्यर्थियों ने दी अनशन की चेतावनी
प्रशासन की अनदेखी के बाद अब इन बेरोजगारों ने आमरण अनशन की चेतावनी दे डाली है.

जयपुर: 3 जनवरी से 13 जनवरी तक होने वाली स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने, भर्ती में बाहरी राज्यों का कोटा कम करने और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा. 

राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर दिए जा रहे इस धरने में बड़ी संख्या में बेरोजगार डटे हुए हैं लेकिन प्रशासन की अनदेखी के बाद अब इन बेरोजगारों ने आमरण अनशन की चेतावनी दे डाली है.

स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर दिन-रात सैंकड़ों की संख्या में बेरोजगार धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन तीन दिनों तक भी बेरोजगारों की मांगों पर ध्यान नहीं देने के चलते अब बेरोजगारों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. बेरोजगारों ने सोमवार शाम तक कोई फैसला नहीं होने पर मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी दे डाली है. 

युवा हल्ला बोल संघ के अध्यक्ष ईरा बोस ने बताया कि "पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, जिसमें न सिर्फ लड़के साथ ही लड़कियां भी बैठी है लेकिन प्रशासन और सरकार को इन लड़कियों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है क्योंकि अभी तक भी न तो प्रशासन और न ही सरकार की ओर से कोई वार्ता की गई है. साथ ही अगर सोमवार शाम तक कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो मंगलवार से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा.

इन प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा प्रदर्शन
1- जनवरी में होने वाली परीक्षा जुलाई-अगस्त में करवाने की मांग
2- भर्ती में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा 5 फीसदी निर्धारित करने की मांग
3- पदों को बढ़ाकर 10 हजार करने की मांग

यूनिवर्सिटी के गेट पर चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरना में बड़ी संख्या में छात्राएं भी हिस्सा ले रही हैं. पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी प्रीति जांगिड़ ने कहा कि आरक्षण के नियमों में हुए बदलाव के बाद करीब डेढ़ लाख से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनको तैयारी के लिए समय ही नहीं मिल पा रहा है, लड़कियों के लिए बैंक और टीचर लाइन में ही नौकरी है लेकिन और इस भर्ती में भी हजारों छात्राएं अपना भाग्य आजमा रही हैं लेकिन सरकार है की सुनने के लिए ही तैयार नहीं है.