झुंझुनुं: पंचायत चुनाव में प्रत्याशी दिखा रहे दमखम, PM मोदी की तरह काम करने का कर रहे दावा

महिला प्रत्याशी के समर्थक ने कहा कि उनके उम्मीदवार ने संकल्प लिया है कि गांव के गंदे पानी की निकासी करवाएंगी, मोडा पहाड़ से गांव तक अधूरी सड़क का काम पूरा होगा.  

झुंझुनुं: पंचायत चुनाव में प्रत्याशी दिखा रहे दमखम, PM मोदी की तरह काम करने का कर रहे दावा
पंचायत चुनाव की रणभेरी बजते ही प्रत्याशियों द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं.

संदीप केड़िया/झुंझुनुं: राजस्थान में पंचायत चुनाव (Panchayat Election 2020) का मौसम है. झुंझुनूं में पहले चरण में तीन पंचायत समितियों की 100 ग्राम पंचायतों के सरपंच और पंच चुने जाने है. कोरोना (Corona) के कारण चाहे प्रचार करने में पाबंदियां हों, लेकिन वोटरों का तेवर एकदम पुराने जैसा ही है. अपने प्रत्याशियों को जिताने और विरोधियों को हराने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. पहले चरण में झुंझुनूं के अलसीसर पंचायत समिति की हमीरी कलां पंचायत के चुनाव होने हैं. जहां पर सात उम्मीदवार मैदान में है.

दरअसल, पंचायत चुनाव की रणभेरी बजते ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. साथ ही अपने प्रत्याशियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) तक का दर्जा देकर उनकी कार्यशैली के मुताबिक काम करने का दावा भी कर रहे हैं.

हमीरी कलां पंचायत में एक महिला प्रत्याशी के समर्थक ने कहा कि उनके उम्मीदवार ने संकल्प लिया है कि गांव के गंदे पानी की निकासी करवाएंगी, मोडा पहाड़ से गांव तक अधूरी सड़क का काम पूरा होगा और मोदी के स्वच्छ और सुंदर भारत का सपना भी पूरा होंगे. यह समर्थक बातों ही बातों में इतना भावुक हो गया कि बोल गया कि यदि उनकी उम्मीदवार सरपंच बनीं तो गांव की किस्मत देश की किस्मत की तरह बदल जाएगी और वह मोदी की तरह काम करेगी.

गांवों में पंच और सरपंच के वोट लेना बहुत मुश्किल होता है. क्योंकि उम्मीदवारों और वोटरों में सीधी, लंबी और करीबी जानकारी होती है. यही कारण है कि वोट मांगने से पहले उम्मीदवार को कई बार सोचना पड़ता है. वहीं, गांव में बोलने वाले भी अपने ही बीच से खड़े हुए उम्मीदवार को खरी-खरी भी सुनाते हैं. हमीरी कलां में भी बुजुर्ग हरलाल से जब बातचीत हुई तो उन्होंने किसी एक युवा की तरह अपनी मन की बात कही और कहा कि रास्ता सालों से खराब पड़ा है. लेकिन इस बार सोच रखा है कि 'जो म्हारो काम करोगे, उन्हें ही वोट देस्यां, वरना म्हानै कमजोर समझने की कोशिश भी नहीं करना, जूता से छाया कर देंग्या.' ठेठ राजस्थानी में वोटर इस तरह ही पंचायत चुनावों में अपने तेवर दिखा रहे हैं.

वैसे गांव में वोटरों ने भी अपना पूरा विकास का प्लान तैयार कर रखा हैं. जिसका सामना उम्मीदवार कर रहे है. वहीं, उम्मीदवार उसे पूरा करने के लिए भी आश्वस्त कर रहे हैं. गांव में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी और झुंझुनूं शहर के मोडा पहाड़ से आ रही सड़क पूरी गांव तक बनें, यही मुख्य है. लेकिन स्कूल क्रमोन्नत, गांव में चिकित्सकों की व्यवस्था और साफ-सफाई भी मुद्दे है. युवा इन मुद्दे के पक्षधर होकर ही अपने उम्मीदवारों के साथ हो रहे हैं,

हमीरी कलां झुंझुनूं जिला मुख्यालय से सटती हुई ग्राम पंचायत है. जिसमें करीब ढ़ाई हजार से अधिक वोटर 28 सितंबर को अपने नए सरपंच का चुनाव करेंगे. चुनावों में कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें से दो महिलाएं भी हैं. लेकिन गांव के तीन बार सरपंच रहे चिरंजीलाल जानूं के पुत्र दीपक जानूं, अपने पिता की गांव की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव मैदान में हैं. तो वहीं एक टीचर गांव में सरपंचाई करने के लिए अपनी पत्नी के सहारे अप्रत्यक्ष तौर पर चुनाव मैदान में हैं.

गांव में पूर्व पंचायत समिति सदस्य रतनलाल योगी भी चुनाव मैदान में हैं. जिन्होंने भी पंचायतराज के कई चुनाव लड़े हैं. बहरहाल, देखना होगा कि किसके सर गांव के सरपंच का सेहरा सजता है.