चित्तौडगढ़ में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर जनता को रीझाने में जुटे उम्मीदवार...

चित्तौड़गढ़ जिले में द्वितीय चरण में सोमवार को चार पंचायत समितियों के ग्राम पंचायतों की नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई.

चित्तौडगढ़ में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर जनता को रीझाने में जुटे उम्मीदवार...
सरपंच बनने की होड़ में महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

दीपक व्यास/चित्तौडगढ़: गांव की सरकार बनाने के लिए सरपंच उम्मीदवार नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही अपने समर्थकों को रिझाने के लिए जतन करते नजर आए. जिसमे वाहनों में पेट्रोल भराने के साथ ही केंद्र में ले जाने से पूर्व ग्रामीणों को खिलाने पिलाने की सारी माकूल व्यवस्थाएं की. हालांकि, इस बार शैक्षणिक योग्यता का नियम समाप्त कर देने से सरपंच बनने की होड़ में महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

चित्तौड़गढ़ जिले में द्वितीय चरण में सोमवार को चार पंचायत समितियों के ग्राम पंचायतों की नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई. जहां सवेरे से ग्रामीण क्षेत्रो में महिला सीट के हिसाब से सरपंच की उम्मीदवार महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. इधर, उनके पति द्वारा समर्थकों को रिझाने के लिए ना ना प्रकार के जतन करते देखा गया. जिसमे वाहनों में पेट्रोल भराने के साथ ही केंद्र में ले जाने से पूर्व ग्रामीणों को खिलाने पिलाने की सारी माकूल व्यवस्थाएं की गई थी.

पंचायत चुनाव में महिला सीट को लेकर हुए आरक्षण, शैक्षणिक योग्यता समाप्त करने के साथ ही परिसीमन में क्षेत्रों के हुए बदलाव से नई पंचायतों के बनने से उम्मीदवारों को लंबी फेहरिस्त के बीच महिला उम्मीदवारों में सरपंच बनने के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला. 

वहीं, ग्रामीण परिवेश में बहु बेटी घूंघट में आकर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर रही थी. जिनसे सरपंच की परिभाषा पूछने पर उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही, जिसको देखते हुए राजनीति में भी भाग्य आजमाने पर जीत मिलने पर गांव में विकास कराने की बात कही.

बहरहाल, गांव की सरकार बनाने के लिए उम्मीदवार नामांकन प्रक्रिया से पूर्व ही जीत के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे है, ऐसे में प्रत्याशियों की लंबी फेहरिस्त से किसके भाग्य का सितारा चमकेगा ये तो आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे.