राजस्थान विधानसभा में उठा रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाया परिलाभ का मामला

इस दौरान खाचरियावास ने पिछली सरकार पर रोडवेज की वित्तीय स्थिति खराब करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से एक कंपनी सालाना एक करोड़ रूपये का बोझ बेवजह उठा रही थी.

राजस्थान विधानसभा में उठा रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाया परिलाभ का मामला
विभाग के 4103 सेवानिवृत कर्मचारियों का परिलाभ बाकी है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाया परिलाभ का मामला सदन में गूंजा. अपनी ही सरकार को घेरते हुए कांग्रेस विधायक बृजेंद्र ओला ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे खुद परिवहन मंत्री ने रोडवेज कर्मचारियों के धरने में जाकर उन्हें आश्वासन दिया था. लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उन कर्मचारियों के सामने वही समस्या खडी है. 

जिस पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि विभाग के 4103 सेवानिवृत कर्मचारियों का परिलाभ बाकी है. जून 2016 तक के कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है. राजस्थान सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है. विपक्ष में रहते हुए जिस तरह की सोच हमारी थी वही सोच आज सत्ता में रहते हुए भी कर्मचारियों के प्रति हमारी है. 

खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और मेंने कर्मचारियों को आश्वासित किया था. लेकिन विभाग की वित्तीय स्थिति ठीक होने पर विभाग के कर्मचारियों को परिलाभ का पूरा बकाया जल्द दे दिया जाएगा.

इस दौरान खाचरियावास ने पिछली सरकार पर रोडवेज की वित्तीय स्थिति खराब करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से एक कंपनी सालाना एक करोड़ रूपया बेवजह उठा रही थी. जिसका मैंने तुरंत ठेका कैंसिल किया ओर जांच भी करवा रहे है.

साथ ही, उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की शिकायत थी कि लोक परिवहन बसें रोडवेज स्टैंड पर रूक रही थी. जिसे हमने गंभीरता से लिया और लोक परिवहन के नए परमिट देने पर रोक लगाई.