जोधपुर: डॉग को लेकर दर्ज हुआ पुलिस में केस, अनशन पर बैठी महिला

कुत्तों को पालने वाली संगीता सुराणा ने एनजीओ के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी और पुलिस से गुहार लगाई कि उन्हें उनके पिल्ले के बच्चों को वापस दिलाया जाए, नहीं तो वह अनशन पर बैठ रही हैं.  

जोधपुर: डॉग को लेकर दर्ज हुआ पुलिस में केस, अनशन पर बैठी महिला
डॉग को लेकर दर्ज हुआ पुलिस में केस. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अरुण हर्ष/जोधपुर: आपने आज तक पुलिस थानों में लड़ाई झगड़ों को लेकर मुकदमे दर्ज होने का सुना है. लेकिन पहली बार ऐसा मुकदमा सामने आया है जिसमें कुत्तों को लेकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है और जिसकी पुलिस जांच भी कर रही है. दरअसल जोधपुर के एयरपोर्ट क्षेत्र में रहने वाली एक महिला जो खुद भी किराए के मकान में रहती है.

महिला ने गली और मोहल्ला के आसपास के करीब 42 पिल्लों को अपने घर में पनाह दे दी, जिसको लेकर एनजीओ ने नगर निगम और पुलिस की मदद लेकर उन पिल्लों को नगर निगम द्वारा बनाया गए डॉग हाउस में छोड़ा था. जिसके बाद कुत्तों को पालने वाली संगीता सुराणा ने एनजीओ के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी और पुलिस से गुहार लगाई कि उन्हें उनके पिल्ले के बच्चों को वापस दिलाया जाए, नहीं तो वह अनशन पर बैठ रही हैं.

वहीं, डॉग लवर एनजीओ को जैसे ही जानकारी मिली कि उनके खिलाफ रातानाडा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है तो एनजीओ के लोग डीसीपी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने पूरा प्रकरण डीसीपी को समझाया जिसके बाद डीसीपी ने रातानाडा थाना अधिकारी को एनजीओ की भी रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए.

दरअसल, पिछले दिनों मोहल्ले वासियों ने पुलिस को भी सूचना दी थी कि संगीता सुराणा नाम की महिला के घर में काफी पिल्ले रखे हुए हैं और जिनकी सार संभाल सही तरीके से नहीं हो रही है.  इस बात की मोहल्ले वासियों द्वारा एनजीओ को जानकारी देने पर पिछले दिनों एनजीओ ने प्रशासन की मदद लेकर 42 पिल्ले के बच्चों को मुक्त करवाया था. उसी बात से नाराज होकर संगीता सुराणा ने एनजीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया.

इधर, कुत्तों के बच्चों के झगड़े से अब पुलिस  प्रशासन परेशान है. 42 कुत्तों के बच्चों  को आजाद करवाने के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आया है, जहां दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है. वहीं, अनशन पर बैठी महिला संगीता सुराणा और शिकायतकर्ता अपर्णा बिस्सा व रीमा मैसी को साथ बैठाकर रातानाडा थानाधिकारी रमेश शर्मा ने समझाने का प्रयास किया.