ऑनलाइन क्लास चलाने के मामले में केंद्र और राज्य सरकार किया गया जवाब तलब

राजस्थान हाईकोर्ट ने विद्यार्थियों की ऑन लाइन क्लास पर पाबंदी को लेकर दायर याचिका पर केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

ऑनलाइन क्लास चलाने के मामले में केंद्र और राज्य सरकार किया गया जवाब तलब
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने विद्यार्थियों की ऑन लाइन क्लास पर पाबंदी को लेकर दायर याचिका पर केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश शांतनु शर्मा और बंशीधर व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिकाओं पर दिए.

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याचिकाओं में कहा गया कि ऑनलाइन क्लासेज क्लास रूम की गरिमा व वातावरण को खराब कर रही है. वहीं, इससे विद्यार्थियों के साथ भी भेदभाव हो रहा है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन एजुकेशन के लिए संसाधन ही नहीं है. याचिका में कहा गया कि शहर के जेके लॉन अस्पताल के डॉक्टर्स ने बच्चों की ऑनलाइन क्लास को लेकर प्रदेश के 13 शहरों के साथ देश के 20 शहरों में रिसर्च की है.

रिसर्च में सामने आया कि ऑनलाइन क्लासेज के कारण बच्चे जिद्दी, मोटे, मूडी व लापरवाह हो गए हैं. इसके अलावा यूट्यूब और जूम एप आदि के उपयोग की आयु निर्धारित है, जबकि छोटे बच्चों को इनके जरिए अध्ययन कराया जा रहा है. वहीं, राज्य सरकार ने आईटी एक्ट के तहत गाइडलाइन जारी किए बिना ही स्कूलों को ऑनलाइन एजुकेशन व क्लास चलाने की मंजूरी दे दी है. याचिका में कहा गया कि स्कूली बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज के संचालन पर पाबंदी के साथ ही इस अवधि की फीस वसूली पर रोक लगाई जाए.

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