राजस्थान में केंद्र की श्रमयोगी मानधन योजना का हुआ शुभारंभ, राज्य मंत्री रहे नदारद

 इस योजना के तहत घरेलू कामगार, वॉशर मैन, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़े के श्रमिक के साथ अन्य कार्यों में लगे असंगठित क्षेत्र के कामगार इसके पात्र होंगे

राजस्थान में केंद्र की श्रमयोगी मानधन योजना का हुआ शुभारंभ, राज्य मंत्री रहे नदारद
योजना के शुभारंभ में 21 श्रमिकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए

आशीष चौहान/जयपुर: लोकसभा चुनाव में श्रमिकों को लुभाने के लिए केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ पूरे देश में हुआ.जिसके तहत राजस्थान में भी केंद्र सरकार की योजना की शुरूआत हुई. प्रदेश सरकार में केंद्र सरकार की इस योजना की शुभारंभ में श्रम मंत्री टीकाराम जूली नहीं पहुंचे. टीकाराज जूली को मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में उपस्थित होना था,ऐसे में श्रम सचिव नवीन जैन ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

जानकारों के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले श्रमिक वोट बैंक को साधने के लिए मोदी सरकार ने आचार संहिता से पहले श्रमिकों को पेंशन की सौगात दी. राजस्थान में भी कामगार श्रमिकों के उत्थान के लिए इस योजना की शुरूआत हुई. श्रम सचिव नवीन जैन ने बताया कि योजना के तहत घरेलू कामगार, वॉशर मैन, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़े के श्रमिक और इसी प्रकार के अनेक अन्य कार्यों में लगे असंगठित क्षेत्र के कामगार पात्र होंगे.

इसके साथ ही एनएचएम में कार्यरत संविदा कर्मी आशा सहयोगिनी आंगनबाड़ी कर्मचारी नरेगा श्रमिक भी इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे.हालांकि इस योजना में वे पात्र नही होंगे जो कि राष्ट्रीय पेंशन योजना या कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत आते हैं. योजना के शुभारंभ में 21 श्रमिकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए.

राजस्थान में करीब छह लाख श्रमिकों को 3 हजार मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा. अब तक प्रदेश में 15 हजार श्रमिकों ने आवेदन कर दिया है.अब विभाग इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार में जुटा हुआ है. पीएफ विभाग के क्षेत्रीय आयुक्त पीसी गुप्ता का कहना है कि इस योजना के जरिए 60 साल की आयु पूरी करने पर पेंशन शुरू की जाएगी.यदि कोई 18 साल की उम्र से इस स्कीम को शुरू करता है तो उसे हर माह 55 रुपए जमा करना होंगे. 

वहीं जो व्यक्ति 40 साल की उम्र से इस स्कीम को शुरू करेगा उसे हर माह 200 रुपए जमा करना होंगे. केन्द्र सरकार भी श्रमिक के बराबर ही अंशदान जमा कराएगी. 60 साल की उम्र पूरा होने के बाद श्रमिक को पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी.कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर कई श्रमिकों को सम्मानित किया.

अंसगठित क्षेत्र से जुड़ा हुआ कामगर जिसकी उम्र 40 वर्ष से कम हो और किसी भी सरकारी योजना का फायदा नहीं ले रहा हो, वह इसके लिए पात्र है. आवेदन करने वाले व्यक्ति की मासिक आय 15 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और सेविंग बैंक अकाउंट होना जरूरी है.