खतरे के निशान से ऊपर बह रही चंबल नदी, निचले इलाकों में बन सकते हैं बाढ़ के हालात

धौलपुर जिले से होकर गुजर रही चंबल नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 1.70 मीटर ऊपर बह रही है. 

खतरे के निशान से ऊपर बह रही चंबल नदी, निचले इलाकों में बन सकते हैं बाढ़ के हालात
वर्तमान में चम्बल नदी 131.50 मीटर पर बह रही हैं जो खतरे के निशान से 1.70 मीटर ऊपर हैं.

धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले से होकर गुजर रही चंबल नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 1.70 मीटर ऊपर बह रही है. चंबल नदी का जलस्तर इस बार खतरे के निशान 129.79 मीटर से करीब 6 मीटर ऊपर 135 मीटर तक पहुंचने की संभावना बताई जा रही है. रविवार को कालीसिंध, कोटा बैराज पानी चंबल नदी में रिलीज किया गया है. जो धौलपुर जिले में 24 से 30 घंटे में प्रवेश कर जाएगा. 

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इसके अलावा गांधी सागर बांध से भी चम्बल नदी में पानी छोड़ा गया है. जो राणा सागर,जवाहर सागर और कोटा बैराज से होते हुए धौलपुर पहुंचेगा. जिसे लेकर जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने अलर्ट जारी किया है. चंबल नदी के तटवर्ती एवं निचले करीब 69 गांव में बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं.

जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि हाल में कोटा बैराज, कालीसिंध, गांधी सागर बांध से चम्बल नदी में पानी की आवक लगातार जारी है. मध्य प्रदेश में हुई बारिश का असर पूरी तरह से देखा जा रहा है. कोटा बैराज से रिलीज किया गया पानी सोमवार देर रात तक धौलपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा. जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. 

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हल्का पटवारी एवं गिरदावर को निगरानी रखने के दिशा निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया धौलपुर, बाड़ी, राजाखेड़ा, सरमथुरा उपखंड के करीब 69 गांव चंबल नदी के पानी से प्रभावित हो सकते हैं. प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गांव गांव जाकर लोगों एवं मवेशी को सुरक्षित रहने के लिए कहा जा रहा है. देर रात करीब दो बजे के आस-पास चंबल नदी का खतरे का निशान 129.79 से बढ़कर जल स्तर 135 मीटर के ऊपर तक पहुंच सकता है.

वर्तमान में चम्बल नदी 131.50 मीटर पर बह रही हैं जो खतरे के निशान से 1.70 मीटर ऊपर हैं. चम्बल नदी में बढ़ाते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि नदी के तटवर्ती एवं निचले इलाकों में लोग सतर्क रहें और पानी से दूरी बनाए रखें. सड़क एवं रपट मार्गों पर पानी का तेज बहाव होने पर रास्तों को पार नहीं करें. आपातकालीन परिस्थिति होने पर जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम को अवगत कराएं. 

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