झालावाड़ में चंद्रभागा मेला परवान पर, पर्यटकों का लगा तांता

सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के बाद निराश दर्शकों ने बताया, कि पुष्कर मेले के बाद झालरापाटन का चंद्रभागा मेला राजस्थान में खास अहमियत रखता है और बड़ी संख्या में पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं

झालावाड़ में चंद्रभागा मेला परवान पर, पर्यटकों का लगा तांता

झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ में इन दिनों चंद्रभागा मेले के तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. जिसके दूसरे दिन देर शाम मेला प्रांगण के रंगमंच पर संस्कृति संध्या का आयोजन किया गया. जिसमें पश्चिम क्षेत्रीय राज्यों के लोक कलाकार दलों ने अपनी प्रस्तुतियां दी. कार्यक्रम को देखने पहुंचे शहर के उत्साहित नागरिकों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब कार्यक्रम गत वर्ष के मुकाबले काफी फीका नजर आया.

खास बात यह रही कि समय से आधे घंटे देर से शुरू हुआ कार्यक्रम महज डेढ़ घंटे में ही खत्म हो गया. ऐसे में चंद्रभागा मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमो में भी पर्यटन विभाग के अधिकारियों की घूसखोरी को नकारा नहीं जा सकता. सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के बाद निराश दर्शकों ने बताया, कि पुष्कर मेले के बाद झालरापाटन का चंद्रभागा मेला राजस्थान में खास अहमियत रखता है और बड़ी संख्या में पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं, संस्कृति कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटन विभाग प्रतिवर्ष चंद्रभागा मेले में विभिन्न राज्यों के कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियां करवाता है, लेकिन इस बार कई राज्यों की प्रमुख कलाकारों की टीमें तक यहां नदारद रहीं. 

जिन लोक कलाकारों की टीमें यहां पहुंची, वह भी अपनी कला प्रस्तुतियों द्वारा दर्शकों को खुश करने में असफल ही साबित हुईं. यहां तक कि झालरापाटन नगर पालिका के अध्यक्ष तथा अधिशासी अधिकारी की पत्नियां भी देर शाम हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियों से संतुष्ट नजर नहीं आई और दबी जुबान में मायूसी जताई.