जयपुर: GST विभाग को चूना लगा रहे प्रोफेशनल्स, फाइनेंस एक्ट 66 EE का हो रहा उल्लंघन

वार्षिक रिटर्न के आधार पर बड़े टैक्स चोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है. डीजीजीआई अधिकारियों के अनुसार, अब इस एक्ट की कुछ रियायतों का गलत फायदा कारोबारी उठा रहे हैं. 

जयपुर: GST विभाग को चूना लगा रहे प्रोफेशनल्स, फाइनेंस एक्ट 66 EE का हो रहा उल्लंघन
जीएसटी के जरिए धोखाधड़ी कर विभाग को चूना लगाने वालों की संख्या भी बढ़ी है.

जयपुर: देश में वस्तु एवं सेवा कर यानी की जीएसटी को लाग हुए कुछ ही समय बीता है लेकिन इसकी खामियों का लाभ कर चोर उठा रहे हैं. जीएसटी के जरिए धोखाधड़ी कर विभाग को चूना लगाने वालों की संख्या भी बढ़ी है.

राजस्व विभाग ने डेटा विश्लेषण के जरिए 931 संदिग्ध जीएसटी धोखाधड़ी के मामलों की पहचान की है. विभाग ने धन वापसी के लिए इन धोखाधड़ी से संबंधित मामलों को खंगालना शुरू कर दिया है. 

चालू वित्तवर्ष में 27,000 करदाताओं ने देशभर में इनवर्टिड ड्यूटी स्ट्रक्चर के साथ 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड दावे दायर किए हैं. हैरत की बात यह है कि जयपुर धोखाधड़ी के मामलों में पहले तीन पायदानों में शामिल हैं.

वित्त मंत्रालय जीएसटी चोरों पर अब सख्ती बरतने की तैयारी में हैं. ऐसे करदाता, जिन्होंने टैक्स फाइल नहीं करने वालों से सामान की खरीद की हैं, उन्हें सत्यापन और जांच का सामना करना पड़ेगा. 

राजस्व विभाग जीएसटी राजस्व बढ़ाने के लिए कर चोरी पर अब सख्ती अपना रहा हैं. देशभर में जीएसटी अधिकारियों ने वर्ष 2019 में नवंबर तक 7164 संस्थाओं से जुड़े 6641 मामलों की पहचान कर जांच शुरू की है. 

इनमें दिल्ली, जयपुर और पंचकूला के बाद कोलकाता क्षेत्र में आईटीसी धोखाधड़ी के लिए ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक है. विभाग की इंटेलीजेंस विंग ने डेटा विश्लेषण के जरिए फर्जी आईटीआर क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए नकली बिल बनाने वाले लोग, मध्यस्थ डीलर, वितरक और निमातार्ओं सहित 500 से अधिक संस्थाओं का एक नेटवर्क को भी हाल ही में खुलासा किया है. अब जीएसटी रिटर्न दाखिल होने के बाद विभाग कुछ बड़े कर चोरों को बेनकाब करने की तैयारी में हैं. 

क्या कहना है महानिदेशक राजेंद्र कुमार का
वार्षिक रिटर्न के आधार पर बड़े टैक्स चोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है. डीजीजीआई अधिकारियों के अनुसार, अब इस एक्ट की कुछ रियायतों का गलत फायदा कारोबारी उठा रहे हैं. इस काम में उनकी मदद कर सलाहकार और सीए कर रहे हैं. इन सबके नेक्सस को तोड़ने की तैयारी हैं. डीजीजीआई के अपर महानिदेशक राजेंद्र कुमार का कहना है कि कर चोर कितने ही तरीके अपनाए, हम कर चोरों की प्रत्येक करतूत पर नजर रखे हुए हैं. फर्जी इनवॉयस, बिना जीएसटी उत्पाद बिक्री, तय मात्रा से कम करके चुकाई टैक्स रेट, फाइनेंस एक्ट 66 ईई का उल्लंघन और उपभोक्ता से टैक्स वसूल कर विभाग को जमा नहीं करवाने मामले जानकारी में आए हैं. 

चोरों पर निगरानी का दौर जारी रहेगा
फर्जी कामों में सीए और कर सलाहकारों की भी भूमिका सामने आ रही है. मार्बल, ग्रेनाइट, फैब्रिक, कॉस्मेटिक्स, सीमेंट, हैंडीक्राफ्ट, प्लाईवुड, टिंबर, लोहे और स्टील कारोबार में फर्जी बिलों का चलन अधिक है. डीजीजीजीआई की आंचलिक इकाई ने कुछ सीए की सूची भी बनाई है, जिनकी ऑडिट संदेह के घेरे में हैं. केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के अंतिम महीनों में जीएसटी वसूली एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रखने के निर्देश दिए हैं, ऐसे में कर चोरों पर निगरानी का दौर जारी रहेगा.