ये हॉस्पिटल बीमार बच्चों को ठीक नहीं और बीमार कर देता है, जानिए पूरा मामला

बच्चा 2 दिन पहले ही इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था.

 ये हॉस्पिटल बीमार बच्चों को ठीक नहीं और बीमार कर देता है, जानिए पूरा मामला
चूहे के काटने से बच्चे के हाथ पर कई जख्म हो गए हैं.

अजमेर: राजस्थान के अजमेर डिविजन के सबसे बड़े हॉस्पिटल 'जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय' के शिशु वार्ड में इन दिनों गंदगी का आलम पसरा हुआ है. शिशु वार्ड में ऐसी गंदती फैली है कि जिसके कारण वार्ड में चूहे तक घूमते दिखाई दे रहे हैं. यही नहीं गुरुवार की रात शिशु वार्ड में भर्ती साढ़े 3 साल के बच्चे के हाथ को चूहे ने कुतर दिया लिया जिससे बच्चा जख्मी हो गया. खबरों की मानें तो  जख्मी बच्चा 2 दिन पहले ही इलाज के लिए  हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था.

बच्चे की माँ यास्मीन ने बताया कि '2 दिन पहले ही इंफेक्शन की शिकायत के चलते अपने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था.  रात को बच्चे के हाथ मे लगी निडिल से खून बह रहा था. जिसके चलते चूहे ने बच्चे को हाथ को काट लिया'. चूहे के काटने से बच्चे के हाथ पर कई जख्म हो गए हैं. फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है. गौरतलब है कि इससे पहले भी  'जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय' में भर्ती मरीजों को चूहे के द्वारा काटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी है.

बच्चे की मां यास्मीन की मानें तो चूहे के काटने के बाद उसने अस्पताल के अधिकारियों के इसकी शिकायत भी की. लेकिन अस्पताल प्रशासन में कोई उसकी बात सुनने को तैयार नही हैं. घटना को देखते हुए अस्पताल के और मराजों ने भी इसके लिए कई शिकायतें की है लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह से मरीजों के परिवार के की शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं. अस्पताल के दूसरे मरीजों के परिवारों की मानें तो इस अस्पताल को अजमेर का सबसे उम्दा अस्पतालों में माना जाता है. लेकिन जब इसकी हालत ऐसी तो बाकी अस्पतालों की हालत तो जाने लायक ही नहीं है.

लोगों के मुताबिक सरकारी डिस्पेंसरियां तो सिर्फ नाम के लिए चल रही हैं. ऐसे में मरीजों के परिवार की मांग है कि सरकारी अधिकारियों और सीएमएचओ सहित डॉक्टरों की एक टीम को प्रदेश के सभी छोटे बड़े अस्पतालों में जाकर उनका जायज़ा लेना चाहिए. ताकि सरकार को भी प्रदेश के अस्पतालों की स्थिति की सही जनकारी मिल पाए और अस्पतालों की स्थिति में सुधार किया जा सके. जिससे अस्पतालों में भर्ती मरीज़ो को इलाज़ की जगह बीमारी ना मिले