शत्रुओं पर पानी है विजय तो करें राजस्थान की जोगणिया माता की पूजा! पूरी होगी मन्नत

Shardiya Navratri 2025:  राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले की ऊंची-ऊंची अरावली पहाड़ियों में स्थित जोगणिया माता मंदिर श्रद्धा और भक्ति का ऐसा धाम है, जहां हर साल हजारों भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व से भरपूर यह मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. जोगणिया माता को शक्ति स्वरूपा दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है. 

शत्रुओं पर पानी है विजय तो करें राजस्थान की जोगणिया माता की पूजा! पूरी होगी मन्नत
Image Credit: Shardiya Navratri 2025

Shardiya Navratri 2025: ज़िले की ऊंची-ऊंची अरावली पहाड़ियों में स्थित जोगणिया माता मंदिर श्रद्धा और भक्ति का ऐसा धाम है, जहां हर साल हजारों भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व से भरपूर यह मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है.

जोगणिया माता को शक्ति स्वरूपा दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है.

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मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां साधकों और संतों ने मां शक्ति की तपस्या की थी. कहा जाता है कि माता ने यहीं पर दर्शन देकर अपने भक्तों को वरदान दिया था और तब से यह स्थल जोगणिया माता के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

एक और लोककथा के अनुसार, संकट और युद्ध के समय मां जोगणिया की पूजा करने से शत्रु पर विजय मिलती थी. यही कारण है कि आसपास के राजाओं और योद्धाओं की आस्था भी इस मंदिर से गहराई से जुड़ी रही.

पूरी होती हैं मन्नतें
यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए शक्ति का प्रतीक है. नवरात्रि के दिनों में यहां मेले जैसा माहौल होता है, हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं. भक्त मानते हैं कि मां जोगणिया से मांगी गई हर सच्ची प्रार्थना पूरी होती है. विवाह, संतान सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए लोग यहां आकर विशेष पूजा करते हैं.

बेहद खूबसूरत है रास्ता
जोगणिया माता मंदिर पहाड़ियों पर स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को घुमावदार रास्तों और चढ़ाई से होकर गुजरना पड़ता है. रास्ते में हरे-भरे जंगल, पक्षियों की चहचहाहट और ठंडी हवाएं इस यात्रा को बेहद सुखद बनाते हैं.

ऊपर पहुंचकर जब भक्त माता के दर्शन करते हैं, तो उन्हें एक अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है. प्राचीन पत्थरों से बने इस मंदिर की वास्तुकला भी बेहद आकर्षक है.

कैसे पहुंचे मां के दरबार
जोगणिया माता मंदिर, चित्तौड़गढ़ ज़िले से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है. स्थानीय परिवहन और निजी वाहन दोनों की सुविधा उपलब्ध है. चित्तौड़गढ़ का जोगणिया माता मंदिर केवल एक धार्मिक धाम ही नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का जीवंत प्रतीक है. यहां की कथा, वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता इसे राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक बनाती है.

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव ज़ी राजस्थान न्यूज में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हैं. इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. करियर की शुरूआत इन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी. 8 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. इससे पहले Newstrack और ETV Bharat में भी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन, एडिटिंग और कंटेंट पैकेजिंग इनकी खासियत है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट पॉलिटिकल क्राइसिस और राजस्थान कोरोना क्राइसिस समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.