सांसद CP जोशी ने की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात, गवरी कलाकारों के लिए की यह बड़ी मांग

जोशी ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि गवरी नाट्य अनुष्ठान सनातन धर्म की शिव और शक्ति की वन्दना के लिए किया जाता है. 

सांसद CP जोशी ने की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात, गवरी कलाकारों के लिए की यह बड़ी मांग
केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मेवाड़ में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने से संबंधित कई विषयों पर भी चर्चा की गई.

मनोहर विश्नोई, दिल्ली: चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने बुधवार को केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से मुलाकात कर राजस्थान के भील, गमेती जनजाति समुदाय के लोकनाट्य गवरी के कलाकारों को प्रोत्साहन और सम्बल देने की मांग की. जोशी ने गवरी कलाकारों को संस्कृति मंत्रालय की कलाकार पेंशन कल्याण निधि योजना से जोड़ने की मांग भी रखी.

सांसद जोशी ने कहा कि राजस्थान के जनजाति समुदाय के लोकनाट्य अनुष्ठान ’’गवरी नृत्य’’ कलाकारों को प्रोत्साहन और सम्बल देने के लिए संस्कृति मंत्रालय की कलाकार पेंशन कल्याण निधि योजना से जोड़ना चाहिए. 
सीपी जोशी का कहना है कि इससे गवरी नाट्य से जुड़े कला और कलाकारों को सरंक्षण प्राप्त होगा, जिससे यह प्राचीन नाट्य विद्या अक्षुण, संरक्षित रहेगी. सीपी जोशी का कहना है कि मानव कल्याण के लिए काम करने वाले इन कलाकारों को कोरोना काल के कारण संकट का सामना करना पड़ रहा है इसलिए इनको रोजी रोटी के लिए सरकार प्रोत्साहन दे और वैश्विक मंच उपलब्ध करवाए.

यह भी पढ़ें- जयपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, गायब हो गईं कई पत्रावलियां

 

जोशी ने कहा कि आदिवासी भील गमेती गवरी कलाकर श्रावण मास से 40 दिनों तक परिवार से दूर रहकर नंगे पैर देवालयों में व्रत रखते हुए गांव गांव गवरी नृत्य के माध्यम से इतिहास, संस्कृति ओर जन-जन के कल्याण की कामना करते हैं. 

जोशी ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि गवरी नाट्य अनुष्ठान सनातन धर्म की शिव और शक्ति की वन्दना के लिए किया जाता है. इस नृत्य के माध्यम से कामना की जाती है कि राज्य भय मुक्त हो, समय पर वर्षा हो, धन धान्य से पूरित यह धरा हो, गौ वंश की अभिवृद्धि हो, गौ माताएं पयस्वनी होकर पर्याप्त दुग्ध प्रदान करें, बहु बेटियां प्रसन्न रहें, चिरायु स्वस्थ हो, विश्व कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक बुराईयां नहीं आये. इसलिए यह लोकनाट्य की नैसर्गिक और सनातन परंपरा जीवंत और सतत रहे.

सीपी जोशी का कहना है कि इसके अलावा केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मेवाड़ में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने से संबंधित कई विषयों पर भी चर्चा की गई.