Chittorgarh Samachar: गांवों में गहराया पेयजल संकट, कम बारिश के चलते हुई हालत

जिला मुख्यालय पर जहां 48 घंटे में जलापूर्ति की जा रही है, वहीं, दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों का कोई धणी-धोरी नहीं है. 

Chittorgarh Samachar: गांवों में गहराया पेयजल संकट, कम बारिश के चलते हुई हालत
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Chittorgarh: ग्रीष्म ऋतु (Summer Season) के आगमन के साथ ही इस वर्ष कम हुई वर्षा (Rain) का असर साफ-साफ देखने को मिल रहा है, चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh) शहर ही नहीं, दूर-दराज के गांवों में भी पेयजल संकट गहरा गया है.

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जिला मुख्यालय पर जहां 48 घंटे में जलापूर्ति की जा रही है, वहीं, दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों का कोई धणी-धोरी नहीं है. इस वर्ष औसत से भी कम वर्षा के कारण जिले के प्रमुख बांध और जल स्त्रोत खाली रह गए हैं, वहीं, भूमिगत जल स्तर भी गिरता जा रहा है, जिसके चलते अब शहरी क्षेत्र में भी पेयजल संकट गहरा गया है. 

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पेयजल का संकट दूर-दराज के गांवों में देखने को मिल रहा है. शहर से मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भाटियों का खेड़ा गांव में पेयजल के लिए पूर्व में लगी दो ट्यूबवेल सूख चुकी है, जिसके चलते ग्रामीणों को गांव से बाहर चल रही एकमात्र निजी ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ रहा है. इस ट्यूबवेल के बंद होने पर ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर स्थित अन्य गावों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है.

Reporter- DEEPAK VYAS