ग्राम पंचायतों के विकास के लिए Chomu SDM Abhishek Surana का नवाचार, हो रही तारीफ

SDM ने सांख्यिकी अधिकारी सुदीप कुमावत की मदद से लक्ष्य सूचकांक रिपोर्ट 2020 तैयार करवाई है. इस रिपोर्ट के तैयार होने के बाद ग्राम पंचायतों के पिछड़ेपन और विकास की तस्वीर सामने आई.

ग्राम पंचायतों के विकास के लिए Chomu SDM Abhishek Surana का नवाचार, हो रही तारीफ
पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अब ग्राम पंचायतों की रैंकिंग निर्धारित करेगी.

प्रदीप सोनी, चौमूं: प्रदेश की ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) के विकास के लिए यूं तो सरकार कई योजनाएं लेकर आती हैं लेकिन ये योजनाएं धरातल तक कितनी पहुंचती हैं और कितना काम होता है, देखने वाली बात होती है. 

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हालांकि जब योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है, तो लोग अधिकारियों को शिकायतें करने पहुंचते हैं. इसके बाद सरकारी मुलाजिम उसका निपटारा करने की कोशिश करते हैं. कुछ ऐसी ही विकास की हकीकत को जानने की तैयारी हो रही है. 

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जयपुर जिले के गोविंदगढ़ पंचायत समिति (Govindgarh Panchayat Samiti) की 45 ग्राम पंचायतों के विकास की तस्वीर जानने के लिए चौमूं एसडीएम अभिषेक सुराना (Abhishek Surana) ने एक नवाचार किया है. SDM ने सांख्यिकी अधिकारी सुदीप कुमावत की मदद से लक्ष्य सूचकांक रिपोर्ट 2020 तैयार करवाई है. इस रिपोर्ट के तैयार होने के बाद ग्राम पंचायतों के पिछड़ेपन और विकास की तस्वीर सामने आई. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 9 गोल और 24 संकेतकों को आधार बनाकर ग्राम पंचायतों की रैंकिंग की गई. रैंकिंग के आधार पर यह तय हो पाया कि किस ग्राम पंचायत में कितना विकास हुआ है और कहां विकास कराने की जरूरत है. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए एसडीएम ने सांख्यिकी अधिकारी के अलावा पटवारी, ग्राम सेवक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी इस रिपोर्ट को तैयार करवाने में मदद ली.

गांवों के विकास की रैकिंग होगी तय
करीब 2 महीने की कोशिश के बाद सतत विकास लक्ष्य सूचकांक रिपोर्ट तैयार करवाई गई. इसे ग्रामीण पंचायती राज विभाग को भिजवाया गया. इस रिपोर्ट को पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने देखकर दोनों अधिकारियों के कामकाज की सराहना की और अब अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने गोविंदगढ़ सूचकांक मॉडल को अब पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए आदेश दिए हैं. सिंह ने तमाम जिला कलेक्टरों को सतत विकास लक्ष्य सूचकांक रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए निर्देशित किया है. गोविंदगढ़ पंचायत समिति की बात की जाए तो सामोद ग्राम पंचायत रैंकिंग के आधार पर नंबर वन रही है, तो वहीं धोबलाई ग्राम पंचायत को सबसे पिछड़ी हुई मानी गई है.

कुपोषण का होगा सही विश्लेषण
पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अब ग्राम पंचायतों की रैंकिंग निर्धारित करेगी. यह रैंकिंग मात्रात्मक आधार पर न होकर गुणात्मक आधार पर होगी. गुणात्मक आधार पर ग्राम की पंचायत की रैंकिंग करने से यह पता चल सकेगा कि ग्राम पंचायत में उपलब्ध भौतिक सुविधाओं का भरपूर लाभ ग्रामीण क्षेत्र के आम जन को मिल रहा है या नहीं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि रैंकिंग निर्धारित करते समय ग्राम पंचायतों द्वारा उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं, विद्यालय, सार्वजनिक शौचालय, वाचनालय, ई-मित्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुएं सही गुणवत्ता की मिल रही हैं या नहीं. इससे गांवों में कुपोषण के कारणों का भी सही विश्लेषण हो सकेगा.

Edited by - Sujit