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चूरू: अधर में लटका रेलवे फाटक पर 50 करोड़ की लागत में बनने वाले ब्रिज का प्लान

रेलवे विभाग ओवर ब्रिज के ड्राइंग के 5 लाख रूपये की मांग पीडब्ल्यूडी से कर रहा है. मगर पीडब्ल्यूडी बजट नहीं होने का रोना रो रहा है.

चूरू: अधर में लटका रेलवे फाटक पर 50 करोड़ की लागत में बनने वाले ब्रिज का प्लान
ब्रिज के काम की स्वीकृति मिले लगभग 16 महीने हो गए है.

नरेन्द्र राठौड़/चूरू: राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर अग्रसेन नगर सेक्टर एरिया में रेलवे फाटक पर 50 करोड़ की लागत में बनने वाला ब्रिज खटाई में पड़ गया है. बता दें कि रेलवे ओवरब्रिज के बनने की स्वीकृति करीब 15 माह पहले हो चुकी थी. मगर पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण अब यह प्रोजेक्ट अटकता हुआ नजर आ रहा है. खबर के मुताबिक रेलने ओवरब्रिज की फाइल जयपुर, बीकानेर, रतनगढ़ व चूरू के बीच घूम रही है. 

यह भी जानकारी सामने आई है कि रेलवे विभाग ओवर ब्रिज के ड्राइंग के 5 लाख रूपये की मांग पीडब्ल्यूडी से कर रहा है. मगर पीडब्ल्यूडी बजट नहीं होने का रोना रो रहा है. इसके चलते काम रुका हुआ है. साथ ही इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड का कहना है कि राजनीतिक द्वेष के कारण काम अटका हुआ है. कारण कुछ भी हो दिन में 50 बार फाटक बंद होने के कारण आमजन को परेशानी हो रही है.

अग्रसेन नगर सेक्टर एरिया में 50 करोड़ की लागत से बनने वाले रेलवे और ब्रिज के काम की स्वीकृति मिले लगभग 16 महीने हो गए है. लेकिन इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी की लापरवाही की वजह से यह काम अभी भी अटका हुआ है. बता दें कि 50 करोड़ से बनने वाले इस रेलवे और ब्रिज के लिए प्रशासनिक स्वीकृति 26 अप्रैल 2018 को जारी कर दी गई थी. इसके बाद ओवरब्रिज की फाइल जयपुर बीकानेर रतनगढ़ चूरू में घूमते 5 लाख की डिमांड की है.

खबर के मुताबिक इसके बाद ब्रिज की फाइल जयपुर, बीकानेर, रतनगढ़ और चूरू में ही घूमती रही. वहीं पीडब्ल्यूडी ने 5 लाख की डिमांड राशि अब तक रेलवे को जमा नहीं कराई है. यही वजह है कि 50 करोड़ का प्रोजेक्ट मात्र 5 लाख के कारण अटका हुआ है. अग्रसेन नगर का फाटक दिन में 50 बार से ज्यादा बंद होता है. इस फाटक के दूसरी तरफ चूरू की पांच मुख्य कॉलोनियां हैं. वहीं रामसरा में ऊंट वालिया जैसे बड़े गांव भी है. ऐसे में यहां रहने वाले करीब 50,000 से ज्यादा लोगों को बंद फाटक की परेशानी से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने और ब्रिज स्वीकृत किया था. लेकिन अब तक इस का काम शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी जो की त्यों बनी हुई है.