&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Churu News: राजस्थान के चूरू तहसील के गांव रिड़खला में हादसे के बाद मौत हुए सिपाही बबलू सिंह का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ. इस दौरान गांव में युवाओ द्वारा तिरंगा यात्रा निकाल कर शहीद बबलू सिंह अमर रहे नारो से गुंजायमान किया.
राजपूत रेजीमेंट 27कंपनी का सिपाही 28वर्षीय बबलू सिंह का आसमान के तेजपुर में हथियार प्रशिक्षण के दौरान 12 सितंबर को पेड़ की टहनी गिरने से सिर पर चोट लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया.
जहां से बबलू सिंह को आसमान के तेजपुर मिलट्री अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया, जहां पर बबलू सिंह को चार चलने के बाद 16 सिंतबर को गुवाहाटी के मिलट्री अस्पताल लेकर गए. जहां पर 24 की दोपहर को इलाज के दौरान बबलू सिंह की मृत्यु हो गई, जिसका शुक्रवार को आसलखेड़ी गांव के चौक में भारत माता के नारे व बबलू सिंह अमर रहे के साथ परिजनों और ग्रामीणों ने बबलू सिंह का अंतिम संस्कार किया गया.
सिपाही बबलू सिंह को शहीद का दर्जा दिया गया है. इस अवसर पर टू जैक राईफल बीकानेर आर्मी के सुबेदार मेजर प्रतीम सिंह के नेतृत्व में आर्मी के जवानों ने राईफल से सलामी दी. इस अवसर पर 27 राजपुत राईफल जयपुर के सुबेदार मेजर दानाराम और 27 राजपूत रेजीमेंट तेजपुर आसामन के नायब सुबेदार नत्थु सिंह आदि ने बबलू सिंह के चाचा कालू सिंह को तिरंगा सौंपा. बबलू सिंह को उसके चाचा के बेटे अमित सिंह, भरत सिंह और सुनील सिंह ने मुखांग्नि दी.
इस अवसर पर विधायक हरलाल सहारण, पूर्व विधायक हाजी मकबूल मण्डेलिया, प्रधान दीपचन्द राहड़, पंस सदस्य विक्रम सिंह कोटवाद, विधानसभा संयोजक पदम सिंह, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इन्द्राज खिचड़, पूर्व सभापति विजय कुमार शर्मा, संपत सिंह खीवासर, जंगशेर खान पीथीसर, युवा कांग्रेस के आसिफ खान, अजित सोमासी, आदि सहित ग्रामीणों ने पुष्पचक्र व पुष्प अर्पित कर शहीद बबलु सिंह को श्रद्धांजलि दी.
इससे पूर्व घण्टेल गांव से रिड़खला गांव तक युवाओं ने बाइक पर तिरंगा यात्रा निकाली, जिसमें युवाओं ने बबलू सिंह अमर रहो के नारे से आसमान को गुंजायमान कर दिया. तिरंगा यात्रा में महाराणा प्रताप विद्यालय के विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा को सलामी दी.
सिपाही बबलू सिंह मार्च 2017 में 27 राजपूत रेजीमेंट में आर्मी में भर्ती हुआ. वर्तमान में बबलू सिंह आसामन के तेजपुर में पोस्टेड था. बबलू सिंह की 02 फरवरी 2025 को जयपुर निवासी काजल के साथ शादी हुई थी. शादी को अभी सात महीने ही हुए है. बबलू सिंह के दो बहने हैं, जो शादीशुदा है.
बबलू सिंह अपने पिता का एकमात्र पुत्र था. बबलू सिंह घर में एक मात्र कमाने वाला था. बबलू सिंह के पिता मोहर सिंह पिछले 25 वर्षों से बिस्तर पर ही है. मोहर सिंह की रीढ की हड्डी में गंभीर समस्या है, जिसकी सेवा बबलू सिंह, माता मंगेज कंवर कर रही है. बबलू सिंह अपने माता-पिता का एक इकलौता ही सहारा है.
अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है. बबलू सिंह जुलाई के महिने अपने घर आया था. बाद अवकाश पूर्ण होने के बाद अपनी डयूटी पर चला गया. रिड़खला गांव में बबलु सिंह के शहीद होने खबर सुनते ही गांव की सभी दुकाने बंद रही. गांव में किसी के भी घर में चूल्हा नहीं जला. गांव के लोग गमगीन माहौल में बैठे थे.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Churu News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!